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पारिवारिक विद्रोह का चुनाव है यहाँ, भाई बहन है आमने सामने

 Utkarsh Sinha |  2017-02-03 08:10:37.0

पारिवारिक विद्रोह का चुनाव है यहाँ, भाई बहन है आमने सामने

तहलका न्यूज ब्यूरो

कैराना. पहले शास्त्रीय संगीत के जरिये बनी पहचान और फिर पलायन के सियासी मुद्दे की वजह बना शामली जिले का कैराना क़स्बा एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. इस बार वजह बनी है चुनाव के मैदान में भाई और बहन की टक्कर.

कैराना बीते दिनों सुर्ख़ियों में तब आया था जब भाजपा के सांसद हुकुम सिंह ने यहाँ मुसलमानों के डर से हिन्दुओं के पलायन की एक सूची जारी कर दी थी. सांप्रदायिक आग में झुलसते पश्चिमी यूपी में कैराना मामले ने फिर से धी डाल दिया था. इसके बाद हुकुम सिंह तो अपने बयानों से पलटते रहे मगर भाजपा ने इसे मुद्दा बना लिया है. लेकिन टिकट की रार से हुकुम सिंह की बेटी और उनके भतीजे को मैदान में आमने सामने कर दिया है.

हुकुम सिंह ने इस बार अपनी बेटी मृगंका सिंह को टिकट दिलाने में एड़ी छोटी का जोर लगा दिया. मृगांका अब इस सीट से भाजपा की उम्मीदवार है मगर इस बात से नाराज हुकुम सिंह के भतीजे अनिल चौहान ने न सिर्फ भाजपा छोड़ी बल्कि वे राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर मैंदान में उतर गए.

2014 के लोकसभा चुनावो में तब हुकुम सिंह यहाँ से जीते थे और उनकी खाली हुयी सीट पर अनिल चौहान ने कैराना विधानसभा उप चुनाव लड़ा था मगर हार गए. इसके बाद अनिल खुद को हुकुम सिंह का राजनैतिक उत्तराधिकारी मानते रहे, लेकिन मृगांका के आने के बाद अनिल बागी हो गए हैं.

कैराना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व सांसद मुन्नवर हसन के बेटे और सिटींग विधायक नाहिद हसन भी इसी क्षेत्र से मैदान में उतरे हुए हैं. राजनीतिज्ञों का मानना है कि हुकुम फैमिली के आमने-सामने होने का सबसे ज्यादा फायदा नाहिद को ही मिलेगा. वे मैदान भी मार सकते हैं.

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