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मायावती की रैली: बेरोजगारों को भत्‍ता नहीं नौकरी दूंगी

 Abhishek Tripathi |  2017-02-14 08:48:44.0

मायावती की रैली: बेरोजगारों को भत्‍ता नहीं नौकरी दूंगी

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
कानपुर. यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को कानपुर देहात में रैली को संबोधित किया। यहां लोगों को संबोधित करते हुए मायावती ने ऐलान कर दिया कि अगर किसी भी कारण से बसपा को बहुमत नहीं मिलता है तो भी किसी दूसरे राजनीतिक दल से हाथ नहीं मिलाएंगी और विपक्ष में बैठना पसंद करेंगी। मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) से हाथ मिलाने का तो कोई सवाल ही नहीं है। ये वही पार्टी है जिसने वर्ष 1995 में मेरे ऊपर जानलेवा हमला कराया था। वहीं, बीजेपी को लेकर मायावती ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग को देखकर बीजेपी को अपनी औकात पता चल गई है। मायावती ने यूपी के युवाओं को रिझाने के लिए इस बात का भी ऐलान किया कि बसपा सरकार युवाओं को बेरोजगारी भत्‍ता नहीं बल्कि नौकरी देगी।

पहले चरण में बसपा को झमाझम वोट मिले
मायावती ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग में सबसे ज्‍यादा वोट बसपा को मिले हैं। इसका श्रेय बसपा समर्थकों को जाता है। बसपा समर्थकों ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुत मेहनत की है। मायावती ने यह भी कहा कि पहले चरण की वोटिंग के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन की हवाइयां उड़ गई हैं। बीजेपी का पत्‍ता साफ हो गया है।

सोशल मीडिया पर बीजेपी अफवाह फैला रही
मायावती ने बीजेपी पर करारा निशाना साधते हुए कहा कि जब बीजेपी को ये लग गया कि वो चुनाव हार रही है तो उसने सोशल मीडिया का सहारा ले लिया। सोशल मीडिया के सहारे बीजेपी खुद को सबसे आगे बता रही है। बीजेपी यह भी झूठा प्रचार कर रही है कि बसपा, बीजेपी के साथ गठबंधन करना चाहती है। ऐसे में मायावती ने कहा कि कृपया कर अफवाहों पर ध्यान न दें और बसपा को झमाझम वोट दें।

मायावती ने कहा- गठबंधन कोई विकल्‍प नहीं
मायावती ने कहा कि अगर बसपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तब भी वो किसी अन्‍य राजनीतिक दल जैसे बीजेपी या फिर सपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बीजेपी ठगों की पार्टी है। वहीं, सपा के लोग मुझ पर जानलेवा हमला करा चुके हैं।

नोटबंदी से किसानों को दिक्कत हुई
मायावती ने कहा कि पीएम मोदी कड़ा फैसला लेते हैं, लेकिन अमीर बच जाते हैं और गरीब सबसे ज्‍यादा परेशान होते हैं। नोटबंदी के बाद सबसे ज्‍यादा परेशानी किसानों को हुई। कई किसानों ने आत्‍महत्‍या कर ली तो कई किसान हार्टअटैक की वजह से मर गए। ऐसे कड़े फैसले लेकर पीएम मोदी खुद को तानाशाह साबित करने में लगे हुए हैं।

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