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तनख्वाह लेने वाले जनप्रतिनिधि और मंत्री नहीं बन सकते स्टार प्रचारक

 shabahat |  2017-01-23 15:59:07.0

तनख्वाह लेने वाले जनप्रतिनिधि और मंत्री नहीं बन सकते स्टार प्रचारक


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. लोकतंत्र मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रताप चन्द्र ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर इस बात की आपत्ति दर्ज करवाई है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करने के लिये स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की है उसमें लगभग दो तिहाई प्रचारक पब्लिक फण्ड से सरकारी तनख्वाह लेने वाले अपने क्षेत्र के जन-प्रतिनिधि और गवर्मेंट मशीनरी के रूप में काम करने वाले देश व प्रदेश के मंत्रीगण हैं.

उन्होंने सवाल उठाया है कि जनप्रतिनिधि और मंत्री सरकारी तनख्वाह लेते हैं सरकारी काम करने के लिये. उनके लिये अगर किसी पार्टी चुनाव का प्रचार करना मज़बूरी हो गयी है तो प्रचार सरकारी तनख्वाह पर क्यूँ किया जाना चाहिये. लिहाज़ा जो लोग पार्टी चुनाव प्रचार करें वह प्रचार के दिनों की तनख्वाह छोड़ें जिससे पार्टी प्रचार में गवर्मेंट मशीनरी का इस्तेमाल न माना जाये जो न सिर्फ न्याय संगत है बल्कि लोकतान्त्रिक भी है.

चुनाव आयोग को लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रताप चन्द्र ने कहा कि अवसर की समता सभी प्रत्याशियों को मिले और फ्री एंड फेयर चुनाव हो किसी को बढ़त न मिल जाये यह सुनिश्चित चुनाव आयोग को करना होता है इसीलिए चुनाव आयोग ने लाफुल डायरेक्शन No.56/4 LET/ECI/FUNC/PP/PPS-II/2015 बनाया था जिसमें पैरा-4 में लिखा है कि पब्लिक फण्ड या पब्लिक प्लेस या गवर्मेंट मशीनरी का इस्तेमाल कर अपने चुनाव-चिन्ह का प्रचार पार्टियाँ न करेंगी न एलाऊ करेंगी. पैरा-5 में लिखा कि यदि उपरोक्त निर्देश का उल्लंघन करेंगी तो इसे लाफुल डायरेक्शन का उलंघन मानते हुए Election Symbol Reservation & Allotment Order 1968 के पैरा 16 A के तहत कार्यवाही की जाएगी. ऐसे में आयोग से अपेक्षा है कि अपने ही लाफुल डायरेक्शन के उल्लंघन होने पर तत्काल विधिक कार्यवाही करे जिससे लोगों का यकीन कायम रह सके.

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