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योगी के किले में आई दरार, अपनो ने ही फूंका पुतला

 Utkarsh Sinha |  2017-01-26 06:59:57.0

योगी के किले में आई दरार, अपनो ने ही फूंका पुतला

तहलका न्यूज ब्यूरो

गोरखपुर. अपने किले में अजेय माने जाने वाले भाजपा के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ के किले में दरार दिखाई देने लगी है. जहाँ कभी "गोरखपुर में रहना है तो योगी योगी कहना है" के नारे गूंजते थे उसी शहर में बुधवार को योगी आदित्यनाथ के पुतले फूंक दिए गए. ख़ास बात ये है कि योगी के खिलाफ यह प्रदर्शन खुद उनकी ही पार्टी के लोगो ने किया.


भाजपा के टिकटों में योगी आदित्यनाथ की खूब चली मगर इसी वजह से उनकी पार्टी के ही कई कद्दावर नेता उनके खिलाफ भी हो गए. गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, चौरीचौरा और सहजनवां में बुधवार टिकट न मिलने वाले नेताओं के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया. कई जगहों पर पार्टी विरोधी नारे लगे तो कहीं सांसद योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका गया.

गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र से अपनी दावेदारी जता रहे राम भुआल निषाद के समर्थको ने योगी का पुतला फूंक दिया और पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ खूब नारेबाजी की. पिपरईच से पूर्व मंत्री जीतेन्द्र जायसवाल की पत्नी अनीता जायसवाल ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दल चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. सहजनवा सीट से दावेदारी कर रहे अश्वनी चौबे के समर्थक भी सड़को पर आ गए हैं. अब वे भी निर्दलीय मैदान में उतरेंगे. इन तीनो सीटो पर योगी के ख़ास लोगो को टिकट दिया गया है और विरोधियों का कहना है कि ये तीनो कमजोर उम्मेदवार हैं मगर योगी की जिद के चलते ही इन्हें टिकट मिला है.

योगी की सबसे बड़ी ताकत रही हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह भी आहत हैं. अपना टिकट कटने के बाद सुनील सिंह ने फेसबुक के जरिये अपना दर्द बयान किया. इसी तरह सिद्धार्थ नगर के इटवा सहित आस पास की कई सीटों पर योगी के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं.


लम्बे समय तक गोरखपुर के प्रभारी रहे एक वरिष्ठ भाजपा नेता का कहना है- "योगी कभी विधानसभा सीटे जीतने पर जोर नहीं देते, वे अपने उन समर्थको को टिकट दिलवाते हैं जो सांसद के चुनाव के वक्त उनके संसदीय क्षेत्र की जातिगत समीकरणों को प्रभावित कर सके, इस बार भी एक राजपूत, एक ब्राह्मण और एक सैन्थवार जाति के उम्मीदवार उन्होंने उतारे हैं. इन जातियों का योगी की संसदीय सीट के लिहाज से बड़ा असर है."

पूर्वांचल के गोरखपुर जिले के आस पास की सीटों पर योगी आदित्यनाथ का दबदबा माना जाता है, वे खुद गोरखपुर सीट से 5 बार से सांसद का चुनाव जीतते आ रहे हैं. बीते बीस सालो से गोरखपुर की राजनीति को खुद में समेटे रखने वाले योगी को अपने ही किले में पहली बार यह चुनौती मिली है. अब अगर योगी के ये उम्मेदवार चुनाव हार जाते हैं तो उनके किले की दीवार में दरार साफ़ दिखने लगेगी जिसे सम्हालना खुद योगी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.


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