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Derail हो चुकी है यूपी पुलिस की Encounter Express

 Anurag Tiwari |  2016-06-16 13:56:54.0

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अनुराग तिवारी


लखनऊ. यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को जनता दर्शन मे फरियादियों की शिकायत सुनने के बाद गोरखपुर के एसएसपी अनंत देव और वहां तैनात तीन एसओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। अनंत देव यूपी पुलिस के जांबाज़ अफसरों में गिने जाते हैं। अनंत देव के सस्पेंशन के बाद यूपी पुलिस की एनकाउंटर एक्सप्रेस पूरी तरह से डिरेल हो चुकी है। अब लगभग अपने समय में अपनी जांबाजी के लिए मशहूर रहे अफसर कोल्ड स्टोरेज में जा चुके हैं। या तो कोई एक्टिव पुलिसिंग से इतर कोल्ड स्टोरेज पोस्टिंग पर है या फिर सस्पेंसिओं की मार झेल रहा है।अभी बीते हफ्ते ही लखनऊ के एसएसपी रहे राजेश पाण्डेय को भी जिले से हटाकर एटीएस का कप्तान बनाकर भेजा गया है। आइये नजर डालते हैं उन अफसरों पर जो एक्शन से हटाकर कोल्ड स्टोरेज पोस्टिंग पर भेज दिया गया है।


अनंत देव-सस्पेंड

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गोरखपुर के एसएसपी पोस्ट से सस्पेंड हुए अनंत देव के नाम से चम्बल के दुर्दांत क्रिमिनल्स भी घबराते थे। जब यूपी एसटीएफ को चम्बल में एक के बाद एक पनप रहे डाकुओं से निजात दिलाने का काम सौंपा गया तो इस ऑपरेशन की कमान एसटीएफ के एसपी अनंत देव को दी गई थी । अनंत देव ने अपनी टीम के साथ कई दिनों बीहड़ों की खाक छानने के बाद ददुआ को मार गिराया था । इसके कुछ दिन बाद ही ठोकिया गैंग ने छह पुलिसकर्मियों को मारकर एसटीएफ को नई चुनौती दी थी। लेकिन साथियों की मौत से आहत अनंत देव की टीम ने कुछ ही समय बाद ठोकिया को साथियों समेत मारा गया। अनंत एक अच्छे टीम लीडर माने जाते हैं और वह टीम को लेकर साथ चलते थे और टीम के हर मेम्बर से उसकी काबिलियत के अनुसार काम लेते थे। यही कारण रहा कि एसटीएफ से इतर देव जिले की पोस्टिंग में भी हमेशा सफल रहे। नोएडा, गाजियाबाद और बनारस जैसे जिलों में एसपी सिटी के तौर पर तैनात रहे तो उनकी टीमों ने कई क्रिमिनल्स को मार गिराया।

नवनीत सिकेरा-आईजी वीमेन सेल

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1090 वीमेन पॉवरलाइन को अस्तित्व में लाने के लिए जाने वाले नवनीत सिकेरा के नाम से कभी क्रिमिनल्स कांपते थे। सबसे पहले लखनऊ में कुख्‍यात गैंगेस्‍टर रमेश कालिया के एनकाउंटर के बाद आईपीएस नवनीत सिकेरा का नाम चर्चा में आया। सिकेरा जहां भी रहे वहां क्राइम रोकने के चलते पब्लिक के पसंदीदा अफसर बने रहे। पश्चिम में मेरठ और मुजफ्फरनगर तो पूर्वांचल में बनारस जैसे इलाकों में उन्‍होंने क्राइम की दुनिया को शांत कर दिया था। जिलों की कप्‍तानी सम्हालने के बाद अब वे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं।

अमिताभ यश-आईजी ट्रैफिक

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अमिताभ यश का नाम भी यूपी के जांबाज़ अफसरों में शुमार होता रहा है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले आईपीएस अमिताभ यश का एक ही फंडा रहा है - लातों के भूत बातों से नहीं मानते। यही वजह है कि नौकरी का आधा समय एसटीएफ में रहकर उन्‍होंने करीब तीन दर्जन से ज्‍यादा अपराधियों को मार गिराया। इसके अलावा कई दर्जन एनकाउंटर करने वाली टीमों को उन्‍होंने गाइड और लीड किया। सपा सरकार आने के बाद कानपुर में उन्‍हीं की कप्‍तानी के दौरान प्रदेश में सबसे पहला एनकाउंटर हुआ। लेकिन अब अमिताभ यश आईजी ट्रैफिक की पोस्ट पर तैनात हैं और प्रदेश की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगे हैं।

अखिल कुमार-सेंट्रल गवर्नमेंट डेप्युटेशन

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कभी एसएसपी एसटीएफ रहते हुए आतंक का दूसरा नाम रहे डकैत निर्भय गुर्जर का एनकाउंटर कर अखिल कुमार सुर्खियों में आए थे। मायावती  ने अपने सीएम रहते उन्हें लखनऊ और गाजियाबाद जैसी अतिसंवेदनशील जगहों पर पोस्टिंग दी। इस दौरान अखिल कुमार ने क्रिमिनल्स के खिलाफ बेहद सख्‍त रवैया अपनाए रखा। साल 2010 में राजधानी लखनऊ में क्राइम ग्राफ अपने चरम पर पहुँच गया था तो अखिल कुमार के नेतृत्व में एक के बाद एक कई एनकाउंटर हुए। इस दौरान दर्जनभर बदमाश पुलिस की गोलियों का निशाना बने। अखिल कुमार एनकाउंटर करने वाली टीम को खुद गाइड करते थे। अब अखिल कुमार भी एक्टिव पोस्टिंग से इतर केंद्र सरकार में डेप्युटेशन पर हैं।

राजेश पांडेय-एसपी एटीएस

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राजेश पांडेय के सर पर क्राइम की दुनिया में 90 के दशक में श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर हो या दुनियाराम का एनकाउंटर, बबलू श्रीवास्तव के गैंग पर नकेल कसनी हो या फिर क्रिमिनल्स के अंदर पुलिस का डर कायम करना हो इन सभी सभी का सेहरा बंधा है । इन्होने ही बनारस ब्लास्ट में लश्कर-ए-तइबा के आतंकी सलार जंग को मार गिराया था। हाल ही में एसएसपी लखनऊ की पोस्ट से हटाये जाने के बाद और कई दिन के इन्तजार के बाद इन्हें एसपी एटीएस बनाकर भेजा गया है।

डीएसपी राहुल श्रीवास्‍तव- पीआरओ डीजीपी

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कभी इनके नके क्राइम पर वर्क और इनके द्वारा किये गए एनकाउंटर्स को देखते हुए तत्‍कालीन डीजीपी विक्रम सिंह ने लखनऊ को क्राइम फ्री करने का टास्‍क दिया था। राहुल श्रीवास्‍तव ने लखनऊ में उस समय दो बड़े बदमाशों को मारकर डीजीपी के भरोसे को कायम रखा। अब राहुल भी एक्टिव पोस्टिंग की जगह पहले सीएम सिक्यूरिटी और अब वर्तमान में डीजीपी के पीआरओ की जिम्मेदारी सम्हाले हुए हैं।

इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह सस्पेंड

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कभी अपने  मुखबिरों के नेटवर्क की बदौलत यूपी, छत्‍तीसगढ़, बिहार और मध्‍य प्रदेश में आतंक मचाने वाले तीन लाख रुपये का ईनामी नक्‍सली सुनील कोल का खात्मा करने वाले अनिरुद्ध सिंह आजकल सस्पेंड चल रहे हैं। चर्चा है कि फिल्मों में शूटिंग के चक्कर में वह अकसर बिना सूचना दिए ड्यूटी से गायब हो जाते थे। यह शिकायत जब इलाहाबाद के एसएसपी केएस इमेनुएल तक पहुंची तो उन्होंने एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद से रिपोर्ट मांगी। एसपी क्राइम की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने अनिरुद्ध सिंह को सस्पेंड कर दिया।

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