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आजाद हुए काशी के संतोष, समुद्री लुटेरों ने परोसा था जादू-टोने वाला पशु-मांस

 Tahlka News |  2016-05-12 06:57:13.0

इंजिनियर संतोष भारद्वाज


तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
वाराणसी. आखिरकार, पूरे 47 दिनों तक नाइजीरियाई समुद्री लुटेरों के चंगुल से आजाद होकर मरीन इंजिनियर संतोष भारद्वाज अपने घर वाराणसी पहुंचे। उन्होंने अपने बांधका बनाए जाने की जो दास्तान सुनाई, वह रौंगटे खड़ी कर देने वाली है। विदेश मंत्रलाय और घरवालों के प्रयास से आजाद हुए संतोष ने बाबा विश्वनाथ की नगरी पहुंच चैन की सांस ली।


इंजिनियर संतोष भारद्वाज 2


जादू टोना कर देते थे कच्चा मांस
सिंगापुर की शिपिंग कंपनी में काम करने वाले संतोष ने बताया कि बंधक  रहने के दौरान उन्हें कई मुश्किलों से गुजरना पडा। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके बंधक साथियों को खाने के लिए बन्दर औरत कुत्ते का कच्चा मांस दिया जाता था और यह नही इसे परोसने से पहले डाकू उस पर अपनी कबिलाई संस्कृति के अनुसार जादू टोना भी करते थे। जब इन लोगों ने कच्चा मांस खाने से मना कर दिया तो उन्हें खाने में नूडल्स दिए गए। उन्होंने बताया कि उनके और एनी बंधकों के सामने खाने के लिए जानवरों को बेरहमी से काटा जाता था।


इंजिनियर संतोष भारद्वाज 3


26 मार्च को हुए थे किडनैप
संतोष के पिता वीरेन्द्र प्रसाद के मुताबिक़ संतोष ने इसी साल 13 जनवरी को सिंगापुर की ट्रांसओसियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बतौर थर्ड मैकेनिकल इंजिनियर ज्वाइन की थी। इसके बाद 26 मार्च को उनके पास फ़ोन आया कि संतोष अपने 5 अन्य साथियों के साथ किडनैप कर लिए गए हैं। जानकारी लेने पर पता चला कि उन्हें किडनैप करने वाले नाइजीरियाई समुद्री डाकुओं का दल था।


https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/730292555405877248

कंपनी के उदासीन रवैये के बाद किया मिनी पीएमओ से संपर्क
संतोष के पिता बताते हैं कि बेटे के मुसीबत में होने की खबर सुनने के बाद उन्होंने ट्रांसओसियन प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। लेकिन कंपनी और किडनैपर्स के बीच कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई। उन्होंने कंपनी के टालमटोल वाले रवैये को देखते हुए पीएम मोदी के वाराणसी संसदीय ऑफि‍स के साथ-साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस घटना की जानकारी दी।


फिरौती की रकम मिलने के बाद छोड़ा
लुटेरो ने संतोष के अपहरण के बाद से ही फिरौती की मांग कर रहे थे। अब तक ये नाइजीरिया समुद्री डकैत दुनिया भर की तमाम शिपिंग कंपनियों के एम्प्लाइज का किडनैप कर से करोड़ो रुपये लूट चुके हैं। संतोष को भी उन्होंने अपने पास तब तक बंधक बनाकर रखा था जब तक की उन्हें फिरौती की पूरी रकम न मिल गई। वहीं सतोष के रिहा होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी संतोष के परिजनों को ट्वीट कर बधाई दी।


 

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