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तो आखिर हो ही गया कौमी एकता दल का सपा में विलय !

 Tahlka News |  2016-08-29 13:20:22.0

तो आखिर हो ही गया कौमी एकता दल का सपा में विलय !
तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. ईटीवी की खबर के मुताबिक समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से कौमी एकता दल के नेता अंसारी बंधु मिले और लगभग 26 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद मुलायम सिंह यादव ने कौमी एकता दल के विलय हो हरी झंडी दिखा दी.

हालाकि विवादों से बचने के लिए इस बार किसी प्रेस कांफ्रेस का आयोजन इन मामले में नहीं किए जाने के संकेत मिले हैं.

कुछ दिनों पहले ही सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय के संकेत दे दिए थे, तभी यह माना जाने लगा था कि कौमी एकता दल और समाजवादी पार्टी का विलय अब महज़ औपचारिकता रह गई है.

सीएम अखिलेश यादव की वजह से समाजवादी पार्टी और कौमी एकता दल का विलय इसी साल जून के महीने में रद्द हो चुका है. अखिलेश ने साफ़ कर दिया था कि माफिया डॉन मुख्तार अंसारी जैसों की सपा में कोई जगह नहीं है. इसके बाद यह बात भी सामने आई कि कौमी एकता दल तो सपा में मिलेगा लेकिन मुख्तार सपा में नहीं आयेंगे. विलय हो भी गया और मुख्तार अंसारी को आगरा जेल से लखनऊ जेल भी ट्रांसफर कर दिया गया लेकिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को अखिलेश के तेवरों के सामने झुकना पड़ा और विलय रद्द हो गया.


साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के समय डीपी यादव को टिकट न देकर अखिलेश ने जो लोकप्रियता बटोरी थी वह मुख्तार के पार्टी में आने से जाती नज़र आयी थी. हालांकि, शिवपाल सिंह यादव ने मुख्तार अंसारी का नाम न लेते हुए कहा कि वे सपा में शामिल नहीं हुए हैं,

सीएम अखिलेश यादव के कड़े तेवर के बाद कौमी एकता दल का सपा में विलय नहीं हो सका. सीएम ने खुल शब्दों में कहा था कि ‘मुख्तार अंसारी के लिए सपा में कोई जगह नहीं है.’ अखिलेश के इन तेवरों के बाद मुख्तार के बड़े भाई और पार्टी के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने कहा था कि ‘सपा ने धोखा दिया है. चुनाव से पहले सपा यूपी में दंगे करवाना चाहती है.’

सपा की तारीफों के पुल बांधने में लगे अफजाल अंसारी विलय रद्द होते ही हमलावर हो गए थे. अफजाल ने पूर्वांचल में सपा को औकात दिखाने की बात कही थी. लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर अफजाल अंसारी ने सीएम अखिलेश के सारे विकास के दावों को बेकार बताते हुए कहा था कि गरीबों को ऐसे विकास से कोई लाभ नहीं होगा. जबकी जब विलय हो रहा था तब यही अफजाल सपा और सीएम अखिलेश के विकास को सर्वे-सर्वा बता रहे थे.

कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी मऊ से और बड़े भाई सिबाकातुल्ला अंसारी मोहम्मदाबाद से विधायक हैं। इनके एक भाई अफजाल अंसारी पार्टी के महासचिव हैं। भाई अफजल अंसारी 2004 में गाजीपुर से सांसद थे, 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा से ताल ठोंकी लेकिन पराजय झेलनी पड़ी। विधान परिषद व राज्यसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी और मुख्तार अंसारी की अगुवाई वाले कौमी एकता दल के बीच गठजोड़ की चर्चा शुरू हुई। पूर्वांचल में सियासत करने वाले राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों ने इसको न सिर्फ हवा दी बल्कि गठजोड़ बनाने का प्रयास भी तेज किया।

सपा के कद्दावर नेता और यूपी के प्रभारी शिवपाल यादव ने कहा था कि कौमी एकता दल हमारे पुराने साथी रहे हैं। हम लोगों ने मिलकर यूपी में बहुत काम किया है। उनकी घर वापसी से सपा को मजबूती मिलेगी और यूपी विधानसभा चुनाव में विरोधियों को करारी हार मिलेगी। अफजाल ने कहा कि मैं अपने सभी साथियो की ओर से मुलायम सिंह और शिवपाल का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि 1994 से मैं सपा के साथ काम किया है।

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