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मलाला दिवस पर मिला 45 बच्चों को सम्मान

 Sabahat Vijeta |  2016-07-12 17:12:33.0

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  • अहमद हसन तथा कन्नौज की सांसद श्रीमती डिंपल यादव द्वारा बच्चे सम्मानित

  • राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सारे प्रयास कर रही है: अहमद हसन

  • पिछले चार साल के दौरान राज्य सरकार ने प्राथमिक, माध्यमिक, तकनीकी तथा उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए काफी काम किया है: बेसिक शिक्षा मंत्री

  • प्रदेश की समाजवादी सरकार द्वारा गरीब बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था की जा रही हैः डिंपल यादव

  • राज्य सरकार ने आरटीई के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है: डिंपल यादव


लखनऊ. प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सारे प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान राज्य सरकार ने प्राथमिक, माध्यमिक, तकनीकी तथा उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए काफी काम किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादियों का मानना है कि किसी भी देश या समाज की तरक्की शिक्षा के ऊपर निर्भर है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह गरीबों और वंचित वर्गों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे ताकि वे भी अपना भविष्य संवार सकें।


श्री हसन ने यह विचार आज 5, कालिदास मार्ग पर ‘मलाला दिवस’ के अवसर पर निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्रवेश पाये बच्चों एवं सराहनीय कार्य करने वाले वि़द्यालयों के सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के दिन मलाला युसुफ़ज़ई का जन्म हुआ था जिसे “मलाला दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। मलाला बालिकाओं की शिक्षा हेतु संघर्षरत रही और उसने कट्टरपंथी विचारों के विरुद्ध आवाज़ उठायी। आज सम्पूर्ण विश्व में ’मलाला’ बालिका शिक्षा की प्रतीक बनकर उभरी है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सोलह जनपदों- लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, कन्नौज, मैनपुरी, गोरखपुर, फिरोजाबाद, आज़मगढ़, रामपुर, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, सम्भल तथा फैजाबाद के 45 बच्चों, उनके अभिभावकों, संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रबन्धकों ने भाग लिया।


लखनऊ स्थित मुख्य्मंत्री आवास पर आयोजित मलाला दिवस पर बच्चों को स्कुल बैग व उपहार देती सांसद डिम्पल यादव ।

बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लागू करने के लिये प्रदेश सरकार ने अनेक प्रयास किये हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-12 (1)(ग) के अन्तर्गत ’अलाभित समूह’ और ’दुर्बल वर्ग’ के बच्चों को गैर-सहायतित और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा-1 अथवा प्री-प्राईमरी में निःशुल्क प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था है। ’अलाभित समूह’ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, निःशक्त बच्चे, एच.आई.वी. अथवा कैंसर पीड़ित माता-पिता के बच्चे अथवा निराश्रित बेघर बच्चे सम्मिलित हैं, और ’दुर्बल वर्ग’ के अन्तर्गत बी.पी.एल. श्रेणी के संरक्षकों के बच्चे, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन अथवा विकलांगता पेंशन प्राप्त करने वाले अभिभावकों के बच्चे सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि संविधान के अनुसार प्रत्येक बच्चा अपनी 8 वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करे और समाज के विकास में अपना अहम योगदान दे।


श्री हसन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-12 (1)(ग) के अन्तर्गत ’अलाभित समूह’ और ’दुर्बल वर्ग’ के बच्चे, वर्ष 2013-14 में 60 बच्चों, 2014-15 में 108 बच्चों तथा वर्ष 2015-16 में 3278 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में बड़ी संख्या में बच्चों को गैर-सहायतित विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम को अत्यन्त गंभीरता से लागू करने के लिए कृतसंकल्प है। प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि राज्य के 6-14 आयु वर्ग के सभी बच्चे विद्यालय में नामांकित हों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें। सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से कमजोर बच्चों और बालिकाओं की शिक्षा पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि समाज के अन्य वर्ग के बच्चों के साथ वे भी शिक्षा ग्रहण कर सकें और उन्हें भी शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध हो सकें।


बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रहीं हैं। प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 2.60 लाख सहायक अध्यापकों की भर्ती बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में की गई है। साथ ही, उर्दू भाषा के शिक्षण को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने हेतु विद्यालयों में उर्दू अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में लगभग सोलह हजार शिक्षकों की भर्ती गतिमान है। सरकार प्रयासरत है कि सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में अध्यापक उपलब्ध हो जाएं।


श्री हसन ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन एवं परिवेश में सुधार हेतु स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न करने एवं उत्कृष्ट विद्यालयों को पुरस्कृत करने की योजना लागू की गई है, जिसके अन्तर्गत विद्यालयों को प्रोत्साहन के रूप में 1.20 लाख रुपये की धनराशि दिए जाने की व्यवस्था है। वर्ष 2015-16 से विद्यालय, विकासखण्ड, जनपद, मण्डल एवं राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं उत्साह के साथ आयोजित कराई गईं है। अच्छे संसाधनों एवं सुविधायुक्त अवस्थापना के साथ छात्रों को उच्च कोटि की गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के माॅडल प्राथमिक विद्यालय और अभिनव विद्यालय स्थापना योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2016-17 में 15 माॅडल प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही लखनऊ एवं इटावा में कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा हेतु सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अभिनव विद्यालय निर्माणधीन हैं।


बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में मध्याह्न भोजन योजनान्तर्गत सभी विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा हैै। राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से मध्याह्न भोजन योजनान्तर्गत छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने में एकरूपता लाने, सम्मान के साथ भोजन ग्रहण करने तथा छात्रों की सुविधा हेतु सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी गुणवत्ता के खाने के बर्तन उपलब्ध कराये जाने की योजना है। मध्याह्न भोजन योजनान्तर्गत छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से समस्त विद्यालयों में सप्ताह में प्रत्येक सोमवार को ताज़े फल एवं प्रत्येक बुधवार को दूध वितरित किया जा रहा है।


श्री हसन ने कहा कि वर्ष 2015-16 में कक्षा-1 से 8 तक के अध्ययनरत लगभग 2 करोड़ छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें एवं यूनीफाॅर्म वितरित की गई हैं। इस वर्ष और बेहतर गुणवत्ता की पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करायी जा रही हैं। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 को पूरी तरह से लागू करने में प्रदेश सरकार सतत् प्रयत्नशील है जिसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।


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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कन्नौज की सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने कहा कि आज का यह दिन एक विशेष दिन है क्योंकि बालिका शिक्षा की प्रतीक ‘मलाला यूसुफजई’ का आज जन्मदिन है। उन्होंने मलाला को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि इस बालिका ने विपरीत परिस्थितियों में साहस का परिचय दिया और शिक्षा हासिल की। उन्होंने कहा कि अपने इसी साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही उसे इतनी कम उम्र में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। प्रदेश की समाजवादी सरकार द्वारा गरीब बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ने आरटीई के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है, जिसके चलते अब गरीब बच्चों को भी अच्छे पब्लिक स्कूलों में दाखिला मिल रहा है।


श्रीमती यादव ने कहा कि राज्य सरकार के इसी प्रयास से आज इस कार्यक्रम में भाग लेने आये इन बच्चों को नामी-गिरामी स्कूलों में प्रवेश मिल सका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा साधन है, जिसका उपयोग हम अपनी भलाई के साथ-साथ देश और समाज की प्रगति एवं विकास के लिए भी करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी को शिक्षा दिलाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने ‘इन्क्लूसिव एजूकेशन’ और ‘मिक्सिंग आॅफ चिल्ड्रेन आॅफ डिप्राइव्ड सेक्शन्स विद अदर चिल्ड्रेन’ की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होने कहा कि ‘आरटीई’ के विषय में लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि इसकी जानकारी दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचे। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि इस शिक्षा सत्र में और अधिक संख्या में इन बच्चों का प्रवेश निजी शिक्षण संस्थानों में हो सके।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि प्रदेश में आरटीई के लागू होेने से गरीबों के बच्चों को भी अब नामी-गिरामी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश मिल रहा है और वे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का नतीजा है कि प्रदेश में यह एक्ट लागू हुआ और गरीब बच्चों 45 बच्चों को बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन तथा कन्नौज की सांसद श्रीमती डिंपल यादव द्वारा सम्मानित को अब अच्छे स्कूलों में शिक्षा उपलब्ध हो रही है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 40 हजार बच्चों को इस एक्ट का लाभ दिलाने का है, जिसे आगे बढ़ाया जायेगा। उन्होने कहा इस योजना का प्रचार-प्रसार बहुत जरूरी है ताकि इसका भरपूर लाभ गरीबों को मिल सके।


कार्यक्रम के दौरान गरीब बच्चों को प्रवेश देने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों तथा प्रवेश पाने वाले किया गया। इस अवसर पर बच्चों को पुस्तकें तथा स्कूल बैग भी उपलब्ध कराये गये। श्रीमती डिम्पल यादव द्वारा एक आरटीई रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।


इस मौके पर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) यासर शाह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद, सचिव मुख्यमंत्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा दिनेश बाबू शर्मा, निदेशक सर्व शिक्षा अभियान गौरीशंकर प्रियदर्शी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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