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लखनऊ में खुला जयपुरिया का चौथा स्कूल

 shabahat |  2017-01-06 15:20:43.0



लखनऊ. राजधानी लखनऊ में कानपुर रोड पर भी सेठ एम आर जयपुरिया का स्कूल इस सत्र से शुरू हो जायेगा. इसके संचालन के लिये जी.पी.आर.पी. अवस्थी एजूकेशनल एण्ड वेल्फेयर ट्रस्ट के साथ गठबंधन को औपचारिक रूप दे दिया गया है. अप्रैल-2017 से प्रारम्भ होने वाले नये सत्र के लिए प्रवेश प्रकिया जनवरी- 2017 में शुरू हो जायेगी.

इस स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी वरीयता दी जायेगी. फिलहाल यह स्कूल प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा-6 तक ही होगा लेकिन आगे इसे कक्षा-12 तक बढ़ा दिया जाएगा. लखनऊ में इस समूह का यह चौथा स्कूल होगा.


इस सम्बन्ध में जयपुरिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने बताया कि हमारा मानना है कि सर्वांगीण शिक्षा का उद्देश्य छात्रों में हर तरह के कौशल का विकास करना होना चाहिए ताकि वे अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त कर सकें. अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़े रहते हुए हम अंतर्राष्ट्रीय समझ विकसित करते हैं जिससे कि हमारे छात्र 21वीं सदी के वैश्विक जिम्मेदार नागरिक बन सकें. उन्होंने बताया कि हाल ही में, फिनलैंड के शिक्षा मंत्री ने हमें ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्कूल’ और इंडिया एजूकेशन कांग्रेस ने ‘भारत का सर्वश्रेष्ठ के-12 स्कूल’ घोषित किया है. बर्कले यूनिवर्सिटी में शोकेस होने वाले प्रथम भारतीय स्कूल होने का गौरव भी हमें प्राप्त है.

बस्तों के भारी बोझ के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में हर बच्चे के लिए अलग ड्रार होगी ताकि बच्चे कम किताबें अपने बस्ते में लेकर स्कूल आयें. उन्होंने बताया कि जयपुरिया का पाठ्यक्रम अमेरिका, स्वीडन, फिनलैंड, कोरिया व जापान के स्तर के अनुरूप होने के साथ-साथ एनसीईआरटी एवं सीबीएसई के दिशा निर्देशों पर आधारित है. हमारे स्कूल में सांस्कृतिक व शैक्षणिक संतुलन बना रहता है. इतना ही नहीं, हमारे अध्यापकों का प्रशिक्षण साल में कई बार चलता रहता है, और नई दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय इसके हर पहलू पर नजर रखता है.

उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेशों के अनुसार हमने गरीब बच्चों को शिक्षा देने का भी फैसला किया है. नियमानुसार इस स्कूल में गरीब बच्चों को भी पढ़ने का मौक़ा मिलेगा.

यहां शिक्षा के उच्च लक्ष्य निर्धारित किये जायेंगे। किसी भी बच्चे को पिछड़ने नहीं दिया जायेगा, क्योंकि ऐसे पिछड़ने वाले बच्चों के लिए यहां विशेष कक्षाएं लगेंगी। अभिभावकों को स्कूल के बाद बच्चों की ट्यूशन के बारे में सोचना ही नहीं पड़ेगा।’
अनुज अवस्थी ने कहा कि हमारा विश्वास है कि स्थानीय स्तर पर हमारे अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर जयपुरिया के अनुभव का लाभ इस स्कूल को मिलेगा. हमारा यकीन है कि मिलकर हम शानदार नतीजे दे सकेंगे.
जयपुरिया स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस की प्रिंसिपल श्रीमती पूनम गौतम ने बताया कि शिक्षा की सीढ़ी में प्राथमिक शिक्षा एक महत्वपूर्ण सोपान की तरह है. शिक्षा का सबसे पहला लक्ष्य यह होना चाहिए कि छात्रों को ज्ञान और चारित्रिक मूल्य समझाये जा सकें. हमारे बच्चों को एक अच्छा अभिभावक और समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए इन दोनों चीजों की जरूरत होगी.

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