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शिवपाल की कोशिशों से गोमती रिवर फ्रंट के साथ ही बदलेगा लखनऊ का नजारा

 Tahlka News |  2016-06-02 11:20:09.0

gomti rivver front

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. एक साल पहले तक लखनऊ के शोक में तब्दील होती गोमती नदी अब लन्दन के टेम्स नदी को टक्कर देती दिखाई देगी. यूपी के वरिष्ठ केबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव की मुस्तैदी ने न सिर्फ गोमती नदी को पुनर्जीवित करने का इंतजाम किया है बल्कि इसके किनारों को इस तरह बना दिया है जो लखनऊ शहर की तस्वीर को देश दुनिया में एक नयी पहचान देगी.

सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की माने तो आने वाले मानसून के बाद गोमती लन्दन के टेम्स जैसी दिखने लगेगी. लखनऊ के लोग नदी में बोटिंग के साथ-साथ वाटर स्पोर्ट्स का भी मजा लेंगे.

परियोजना को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य था और शिवपाल सिंह यादव की निजी रूचि और नियमित समीक्षा ने इस लक्ष्य को पूरा भी कर दिया है . हर हफ्ते इसके कार्यो की समीक्षा बैठक की जा रही है , ताकि समय पर काम पूरा हो.


किनारों पर विकसित पार्क और फुहारे के साथ नदी में चलती सैलानी बोट गोमती की तस्वीर ही बदल देगी. इसके अलावा किनारों  पर बने पार्क भी पर्यटकों और लखनऊ वासियों के लिए वक्त गुजरने की एक बेहतर जगह होंगे.

इस पूरी योजना में पौधों को कोई नुकसान न पहुंचा पाए, इसके लिए पौधों में चिप लगाई जाएगी, जिसे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा. वहीं नदी में लंदन की टेम्स नदी की तरह वाटर स्पोर्टस और बोटिंग का भी लोग मजा ले सकेंगे.

नदी के दोनों तरफ टहलने के लिए सड़के और साईकिल ट्रैक बनाये जा रहे हैं . पक्के पुल से गोमती बैराज के बीच गोमती के सफाई और दोनों तरफ दीवार बनने से करीब 80 हेक्टेयर जमीन निकलने की उम्मीद है. जिसमें मॉल पिकनिक स्पॉट होटल बनाए जाएंगे जिससे रेवेन्यू जनरेट किया जाएगा. जमीन से आने वाला रेवेन्यू शहरी विकास के काम आएगा.

आने वाले दिनों में शहीद पथ के पास गोमती के किनारे झील बनाने की भी योजना है.

गुरुवार को रिवर फ्रंट के कार्य की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे शिवपाल यादव ने कहा  कि लखनऊ में जितनी भी ऐतिहासिक इमारतें बनी हैं, उन सभी के दरवाजे गोमती नदी की ही तरफ खुले है. उस समय सिर्फ नदी ही आवागमन का साधन थी. गोमती का पानी जब शहर में आता है, तो यह साफ होती है, लेकिन जब पानी शहर से आगे निकलता है, तो प्रदूषित हो जाता है. इसलिए इस योजना के तहत अब एक भी नाला गोमती में नहीं जाएगा, तभी गोमती साफ हो सकेगी.


शिवपाल यादव ने कहा कि गोमती नदी दुनिया में यूपी की पहचान बनेगी।

नदी सफाई पर शिवपाल ने कहा कि अभी तक इसमें सिर्फ राजनीति ही हुई है काम नहीं। अब जिस तेजी से काम हो रहा है वह सबको दिख रहा है। इसी तरह का काम वाराणसी, अयोध्या, मथुरा वृंदावन के घाटों पर किया जाएगा। शिवपाल ने कहा कि इस तरह का काम कई नदियों पर किया गया है। जो नदियां अपना समूल खो चुकीं थी उन सभी को हमने सही स्थिति में ला दिया है।

मुख्य सचिव आलोक रंजन का कहना है कि जब शारदा का पानी इससे जुड़ेगा, तो पानी का बहाव भी तेज होगा और नदी की सफाई खुद हो जाएगी. इसके अलावा इसमें क्रूज भी चलाया जाएगा, ताकि पर्यटक इसका लुत्फ उठा सके.

पूरे योजना में अनुमानतः करीब 2800 करोड़ का खर्चा आएगा, पहले चरण में गोमती नदी को चैनलाईज किया गया और दूसरे और तीसरे चरण में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम जोरो पर है.

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