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कफन सत्याग्रहियों में चार को पुलिस ने पहनाया कफ़न

 Vikas Tiwari |  2016-10-01 13:53:58.0

कफन सत्याग्र्हीयो

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

बड़कागांव. राची के बड़कागांव में चल रहा कफन सत्साग्रह 16वें दिन खूनी संघर्ष में बदल गया. शुक्रवार-शनिवार की रात पुलिस ने आन्दोलनकारियों पर लाठीचार्ज की जिससे स्थिति बिगड़ गई और पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी. इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं. वहीं इस झड़प में एएसपी अभियान कुलदीप कुमार, सीओ बड़कागांव शैलेश कुमार सहित एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें सात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

इस घटना में मरे एक ग्रामीण का शव सड़क पर रख कर बड़कागांव रोड को आन्दोलनकारियों ने जाम कर दिया है. वही इस घटना के बाद से आन्दोलन पर बैठे विधायक निर्मला देवी लापता हैं. विधायक के पुत्र सुमित का आरोप है पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में रखा है देर शाम तक बड़कागांव हजारीबाग पर आवागमन पूरी तरह ठप था.


घटना के बाद पूरे क्षेत्र में प्रशासन ने धारा 144 लगा दिया है. एनटीपीसी में कार्यरत सभी कंपनियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. मौके पर सीआइएसएफ की स्पेशल टुकड़ी को मुख्यालय से भेजा गया है. डीआइजी उपेंद्र कुमार भी बड़कागांव में कैंप कर रहे हैं.



यह है पूरा मामला

त्रिवेणी सैनिक कंपनी के खनन कार्य को और 2013 भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा देने व नौकरी की मांग को लेकर 15 सितंबर को कफन सत्याग्रह के शुरुआत विधायक निर्मला देवी व योगेंद्र साव के नेतृत्व में हुई. 17, 18 व 19 सितंबर को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव धरना में शामिल रहे. 22 सितंबर को उपायुक्त वार्ता को पहुंचे लेकिन वार्ता विफल रही, खनन कार्य रोके जाने से इनकार किया गया. 28 सितंबर को खनन कार्य के लिए जा रहे वाहन को रोका गया, विधायक ने बदसलूकी का भी आरोप लगाया. 29 सितंबर एनटीपीसी ने विधायक व उसके समर्थकों को एफआईआर दर्ज कराया. एक अक्टूबर की सुबह विधायक की गिरफ्तार के बाद बवाल में चली गोली और लाठी में चार की मौत हो गई है.

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