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देशी-विदेशी अनुवादित नई रचनाओं में दिख रही रुचि

 Sabahat Vijeta |  2016-09-29 16:04:35.0

book-fair


चौदहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला: सातवां दिन


सहित्यप्रेमियों का गढ़ बना मोतीमहल लान

लखनऊ. युवा रचनाकार अन्वित का कहना है- ‘जिस तरह सुबह-सुबह अखबार पढ़ने का मज़ा है उसी तरह कहानियां और उपन्यास किताब के रूप में पढ़ने का आनन्द ही अलग है।’ नन्दिता कहती हैं- ‘मैं यहां नीरज, पाश और मुनव्वर राना की किताबों की खोज में आई हूं। रहमान बताते हैं- ‘मुझे देशी-विदेशी महिला रचनाकारों खासकर नई लेखिकाओं की किताबों की तलाश फिर तीसरी बार यहां ले आई।’


राणाप्रताप मार्ग स्थित मोतीमहल वाटिका लान में चल रहे चौदहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में साहित्यप्रेमियों का जमावड़ा हरदम रहता है। शायर गालिब, मीर हों या गीतकार बच्चन व नीरज, अंग्रेजी रचनाकार शेक्सपीयर हों या रूसी चेखोव या चीनी लु शुन या फिर हिन्दी के प्रेमचन्द, धर्मवीर भारती, नरेन्द्र कोहली आदि। कहानी-उपन्यास, कविता-शायरी की किताबें पुस्तक मेले में बराबर बिक रही हैं। विदेशी रचनाकारों के संग ही भारतीय भाषाओं से हिन्दी में अनूदित साहित्य की पुस्तकों की मांग पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार ज्यादा दिखाई दे रही है। खासकर नई पीढ़ी के साहित्यप्रेमी नये व सामयिक रचनाकारों के साथ अनुवादित साहित्य पढ़ने व पुस्तकें लेने में रुचि दिखा रहे हैं।

दि फेडरेशन आॅफ पब्लिशर्स एण्ड बुकसेलर्स एसोसिएशन्स इन इण्डिया, नई दिल्ली के सहयोग से हो रहे के.टी.फाउण्डेशन के इस चौदहवे मेले का आज सातवां दिन था। रोज सुबह 11 से रात नौ बजे तक चल रहे निःशुल्क प्रवेश वाले इस मेले में पुस्तक प्रेमियों को हर बार की तरह न्यूनतम 10 फीसदी की छूट पुस्तकों पर मिल रही है। पुस्तक मेले में आज एसएसपी मंजिल सैनी, पूर्व अधिकारी दिवाकर त्रिपाठी, निखत खान, वायस आफ लखनऊ के महाप्रबंधक सुशील दुबे ने भ्रमण किया।


मेले में साहित्यिक पुस्तकें राजपाल एण्ड संस, प्रभात प्रकाशन, लेक्सीकाॅन बुक्स, साहित्य भण्डार, वाणी प्रकाशन, पुस्तक महल, पद्म बुक, बुक्स एण्ड बुक्स, यूबीएस पब्लिशर्स, राजकमल, सामयिक प्रकाशन, साक्षी प्रकाशन, आरुषि बुक, कलाकुंज, प्रकाशन विभाग के स्टाल सहित बहुत से स्टालों पर है। आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के स्टाल पर डिक्शनरी के साथ ही चुनिंदा साहित्य उपलब्ध है।


पुस्तक मेला मंच पर आज डा.अमिता दुबे के संचालन में महेन्द्र भीष्म के ‘किन्नर कथा’ व ‘जय हिन्द की सेना’ जैसे उपन्यासों पर हुई चर्चा में मृत्युंजय मिश्र, डा.निर्मला सिंह व शीला पाण्डेय इत्यादि साहित्यकारों के साथ ही किन्नर पायल ने विचार व्यक्त किए। इसी अवसर पर नीरजा हीमेन्द्र के उपन्यास ‘अपने-अपने इन्द्रधनुष’ का लोकार्पण हुआ।


इससे पहले दिन में अगीत परिषद की ओर से रंगनाथ मिश्र सत्य की अध्यक्षता व देवेश गुप्त के संचालन में हुए शहीदों को समर्पित कवि सम्मेलन में ‘अगीत त्रयी’ का विमोचन किया गया। राजेन्द्र वर्मा की पुस्तक ‘मुक्ति और अन्य कहानियां’ पर कथाकार शिवमूर्ति, प्रताप दीक्षित व नसीम साकेती आदि वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहानियों को सारगर्भित तथा प्रासंगिक बताया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में आज शाम संगीत कला संस्थान की संगीतमय प्रस्तुति रही। गायिका पूनम श्रीवास्तव ने दादरा ‘रंगी गुलाबी सारी...’ के साथ ही सूफी भजन ‘छाप तिलक सब छीन्ही...’ के संग सूर व तुलसी के भजन प्रस्तुत किए। उनका साथ वाद्यों पर गुरु शीतलप्रसाद मिश्र, महेश्वर दयाल नागर व राज विभूति ने दिया।


ज्योति किरन रतन के संयोजन में बाल-युवा मंच पर आज श्लोक वाचन, शंख वादन, श्लोक लेखन और योग की प्रतियोगिताएं आयोजित की र्गईं। इस मंच पर उन सभी बच्चों को बच्चों को अपनी प्रतिभा दर्शाने का अवसर दिया जा रहा है जो गीत, कहानी, कविता, चुटकुला नृत्य आदि पेश करना चाहते हैं। प्रतियोगिताओं में दिव्यांशु भारद्वाज, अश्वित, प्रज्ज्वल तिवारी, सार्थक द्विवेदी, अश्विनी तिवारी, आकाश शुक्ल, अर्चना व सुगन्धा आदि बच्चों व नवयुवाओं ने प्रतिभाग किया।


स्वास्थ्य आयोजनों के क्रम में आज शाम को डाक्टर से मिलिए कार्यक्रम में हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रो.अजय सिंह ने बताया कि बच्चों की हड्डियां और बढ़ती उम्र में हड्डियां मजबूत रखने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाना चाहिए।




  • मेले में आज 30 सितम्बर 2016


मुख्य सांस्कृतिक मंच


पूर्वाह्न 11.00 बजे- परिचर्चा- पुस्तक ‘जन्मभूमि ममपुरी सुहावन’ पर
अपराह्न 12.30 बजे- परिसंवाद- तुलसी स्मारक समिति देवरिया


अपराह्न 2.00 बजे- लोकार्पण- ‘जब्तशुदा कहानियां’ कृति- रामकिशोर
सायं 4.00 बजे- डाक्टर से मिलिए- मनोवैज्ञानिक रोगों पर डा.भूपेन्द्र
सायं 5.00 बजे- लोकार्पण- ‘यूंही राह में चले-चलते’ उपन्यासकर- अलका प्रमोद
सायं 6.30 बजे- काव्यगोष्ठी- रेवान्त संस्था
रात्रि 8.00 बजे- नाट्य प्रस्तुति- ‘दस्तरखान’ निर्देशन- अरशाना अजमत


बाल-युवा मंच


अपराह्न 2.00 बजे- बाल-युवा प्रतियोगिताएं- बेबी शो, काव्यपाठ, ड्रेस बाई न्यूजपेपर,
कोलाज व फ्लावर डेकोरेशन
शाम 6.00 बजे- प्रेम नारायण मेहरोत्रा की पुस्तक पर कार्यक्रम

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