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इशरत जहां केस: 'आपको कहना है कि पेपर नहीं देखा'

 Abhishek Tripathi |  2016-06-16 04:28:22.0

ishrat_jahanतहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली. इशरत जहां मामले में जांच कर रही समिति के हेड बीके प्रसाद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के दौरान जिस किसी को फोन करते थे तो लोग डर जाते थे कि उनसे क्या पूछताछ होगी? वो डरे नहीं इसलिए मैंने अधिकारी को कहा कि 'आपने उस समय फाइल देखी है, अगर नहीं देखा तो बता देना और अगर देखा तो भी बता देना।'


वहीं, गृह मंत्रालय ने इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले से जुड़ी गुमशुदा फाइल से संबंधित मामले को देखने वाली एक सदस्यीय समिति का ब्यौरा जाहिर करने से पहले एक आरटीआई याचिकाकर्ता से यह साबित करने को कहा है कि वह भारतीय है।


वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बी के प्रसाद जांच समिति की अध्यक्षता कर रहे हैं। मंत्रालय में दायर आरटीआई याचिका में समिति की ओर से पेश रिपोर्ट की प्रति के अलावा प्रसाद को दिये गए सेवा विस्तार से जुड़ी फाइल नोटिंग का ब्यौरा मांगा गया था।


गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि इस संबंध में यह आग्रह किया जाता है कि आप कृपया अपनी भारतीय नागरिकता का सबूत प्रदान करें। सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत केवल भारतीय नागरिक ही सूचना मांग सकता है।


इस पारदर्शिता कानून के तहत आमतौर पर आवेदन करने के लिए नागरिकता के सबूत की जरूरत नहीं पड़ती है। असामान्य मामलों में एक जन सम्पर्क अधिकारी नागरिकता का सबूत मांग सकता है अगर उसे आवेदन करने वाले की नागरिकता को लेकर कोई संदेह हो।

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