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इंडियन आर्मी से लड़ने के लिए ISIS हर महीने देता है सैलरी

 Anurag Tiwari |  2016-10-07 08:19:10.0

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नई दिल्ली. बुधवार को केरल से गिरफ्तार आईएसआईएस के आतंकी ने सनसनीखेज खुलासा किया है. एनआइए द्वारा गिरफ्तार सुभानी हाजा मोइदीन ने खुलासा किया है कि आईएसआईएस उसे और उसके जैसे लोगों को भारतीय सेना पर हमला करने के लिए हर महीने सैलरी देता है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया के मुताबिक़ पूछताछ के दौरान तमिलनाडु में तिरुनेलवेली के रहने वाले मोइदीन ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. मोइदीन ने बताया कि ट्रेनिंग लेने के लिए उसे ईराक के मोसुल भेजा गया था और फिर जहां उसे इराकी सेना से लड़ने के लिए ख़ास तरह की ट्रेनिंग दी गई. बतौर ट्रेनी उसे आईएसआईएस से हर महीने महज 100 डालर यानि लगभग 6,700 रुपये महीना मिलता था और रहने-खाने का इंतजाम अलग से हुआ था.


मोइदीन ने बताया कि उसकी  ट्रेनिंग 30-35 लोगों के साथ हुई, जिसमे अधिकतर विदेशी लड़ाके थे. इनमे अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान, पाकिस्तान और बाकी देशों लड़ाके शामिल थे. उन्हें ट्रेनिंग देने वाला शख्स अफगानिस्तान का रहने वाला था. मोइदीन  के मुताबिक़ ट्रेनिंग काफी कड़ी होती थी. ट्रेनिंग के वक्त इन लड़ाकों को एक छोटे से कमरे में रखा जाता था और सुबह से लेकर शाम तक ट्रेनिंग चलती रहती थी। खबर के मुताबिक,  ट्रेनिंग के दौरान उन्हें 100 डॉलर हर महीने दिए जाते थे.

ट्रेनिंग के बाद हुई मॉक ड्रिल

मोइदीन के मुताबिक़ कड़ी ट्रेनिंग के बाद इन लड़ाकों को एक ‘फर्जी लड़ाई’ के लिए भेजा गया ताकि उन्हें लड़ाई का अनुभव मिल सके. इस फर्जी लड़ाई से लौटने के बाद उन्हें असली लड़ाई के मैदान में उतार दिया गया था. इस लड़ाई के दौरान इन लोगों ने इराक और कुर्द की सेना से मोर्चा लिया. मोइदीन के मुताबिक इस दौरान उसका मन लड़ाई से उचट गया तो वह भागकर तुर्की की राजधानी इस्तांबुल चला आया, जहां वह दो हफ्तों तक गैरकानूनी तरीके से छिप कर रहा. इसके बाद उसने इस्तांबुल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया. इसके बाद फिर सिंतबर के अंतिम हफ्ते में वह मुंबई के रास्ते भारत लाया गया. तब से गिरफ्तारी तक वह केरल की एक  दुकान पर काम कर रहा था लेकिन कुछ दिनों पहले एक बार फिर आईएसआईएस ने उससे सम्पर्क किया था. आईएसआईएस उसे भारत में कुछ हमले करने की योजना का हिस्सा बनाना चाहता था और कुछ वीआईपी लोगों को मारने की भी योजना भी बनाई गई थी.

टूरिस्ट और जजेज को मारने की थी योजना

आईएसआईएस ने उसे केरल कुछ जजेज और विदेशी टूरिस्ट को निशाना बनाने के लिए कहा था. लेकिन इसी बीच एनआईए के इसकी भनक लग गई और उसे भारत में आतंकी हमले करने की कथित साजिश के आरोप उसे गिरफ्तार कर लिया गया. एनआईए के सूत्रों के अनुसार मोइदीन केरल में तैनात कुछ जजेज और केरल के बैकवाटर्स की सैर करने आने वाले फॉरेन सिटीजन्स को निशाना बनाने की फ़िराक में था. एनआईए के मुताबिक़ मोइदीन अभी तक पकडे गए आईएसआईएस से सम्पर्क में आने वाले भारतियों में एकमात्र ऐसा शख्स है जिसे इराक के मोसुल में  लड़ाई के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी गई थी.
तमिलनाडु के पटाखा फैक्ट्री से बारूद इकट्ठा करने की थी योजना

एनआइए द्वारा जारी बयान के के अनुसार मोइदीन देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तमिलनाडु में पटाखा कारखानों से रासायनिक विस्फोटक जमा करने की योजना बना रहा था. एनआईए के अनुसार एक साजिश के तहत मोइदीन को आईएसआईएस ने ट्रेनिंग के दौरान जेल में बंद कर दिया और फिर एक इस्लामिक न्यायाधीश के सामने पेश किया जिसने उसे सीरिया  भेज दिया. फिर साजिश के तहत ही उसे सीमा पार कर तुर्की जाने दिया गया, जहां उसने इस्तांबुल के भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से अपने परिवार से संपर्क किया ताकि वह भारत वापस लौट सके. मोइदीन छह महीने के अंतराल पर एक आपात प्रमाणपत्र पर पिछले साल सितंबर में मुंबई पहुंचा और तमिलनाडु स्थित अपने पैतृक गाँव पहुंचा था.





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