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जाट आरक्षण: 72 घंटे का अल्टीमेटम आज खत्म, विधेयक के पेश होने पर सस्पेंस

 Tahlka News |  2016-03-17 09:40:46.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 17 मार्च. हरियाणा सरकार को जाट समुदाय की ओर से आरक्षण के लिए दिए गए 72 घंटे का अल्टीमेटम गुरुवार को खत्म हो गया है। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सदन में आज जाट आरक्षण विधेयक पेश होना था लेकिन विधेयक पेश होने को लेकर सस्पेंस बरकरार है। यह भी कहा जा रहा है कि सदन में आज जाट आरक्षण विधेयक पेश नहीं होगा।इस बीच ऑल इंडिया जाट संघर्ष समिति के नेतृत्व में जाट समुदाय ने धमकी दी है कि यदि राज्य की भाजपा सरकार ने 17 मार्च तक उनकी मांगे पूरी नहीं कीं, तो वे आंदोलन फिर शुरू कर देंगे।


हरियाणा में जाटों को आरक्षण देने से जुड़ा विधेयक आज भी विधानसभा में पेश होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि बिल के ड्राफ्ट में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। जाट नेता शुक्रवार को बैठक करके आगे की रणनीति तय करने वाले हैं।


उधर, सरकार भी पिछली हिंसा को देखते हुए इस बार चौकन्ना है। रोहतक, सोनीपत, झज्जर, जींद, भिवानी और कैथल के ज़िला प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वह कानून तोड़ने वालों पर NSA- राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगा सकता है। साथ ही आईजी रैंक के अधिकारियों से इन सभी छह ज़िलों में कैंप करने को कहा है। इसके अलावा अर्द्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां मांगी गई हैं। स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का अंतिम फ़ैसला डिप्टी कमिश्नर करेंगे।

जाट समुदाय के नेता 10 फीसदी कोटे की मांग कर रहे हैं और आंदोलन के दौरान जाट नेताओं पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग कर रहे हैं। जाट समुदाय बीजेपी के कुरुक्षेत्र से सांसद राज कुमार सैनी को एंटी-जाट बयान देने के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।


जाट आरक्षण विधेयक बुधवार को विधेयक विधानसभा में पेश होना था, लेकिन नहीं हो सका। जाट आरक्षण विधेयक का ड्राफ्ट शाम को सीएम खट्टर की अगुवाई में मंत्रियों की बैठक में रखा गया जिस पर कई मंत्रियों ने आपत्ति जताई। सरकार जाट सहित 5 जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी में है। ऐसी स्थिति में सरकार ने अब ऐसे प्रारूप को तैयार करने का फैसला किया है, जिससे सभी सहमत हों।


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