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मथुरा में अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस पर फायरिंग, फेंके हथगोले, SHO की मौत

 Abhishek Tripathi |  2016-06-02 14:26:10.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
मथुरा. मथुरा में दो साल से ज्यादा समय से सरकारी भूमि पर कब्ज़ा जमाए बैठे लोगों से जवाहर बाग़ खाली कराने गई पुलिस टीम पर लोगों ने असलहों से हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस झड़प में एसएचओ संतोष यादव की मौत हो गई। हमले में एसपी सिटी सहित एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। दोनों तरफ से आमने-सामने की फायरिंग हुई। अंधाधुंध फायरिंग के चलते आसपास के पूरे इलाके को खाली कराया गया। 280 एकड़ में फैले जवाहर बाग के कई हिस्सों में आग दी गई। सीएम अखिलेश ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपए देने का एेेलान किया है।


बताया जा रहा कि हमलावरों ने देशी बम और हथगोले भी फेंके। जवाहर बाग उद्यान विभाग की संपत्ति है। झड़प के दौरान 4 से 5 सिपाहियों को उपद्रवी खींचकर ले गए। झड़प में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव समेत कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।


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गुरुवार को मथुरा प्रशासन ने जवाहर बाग़ में रह रहे कब्ज़ाधारियों से बाग़ को खाली करने के लिए मुनादी कराई। इस मुनादी के विरोध में कब्ज़ा धारियों ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए अपनी तरफ से भी ऐलान शुरू कर दिया। प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जवाहर बाग़ को जल्द खाली कराने की बात कही। प्रशासन का कहना है की हाईकोर्ट में कब्जा धारियों द्वारा एक याचिका वहां सत्यागृह करने की अनुमति देने के लिए डाली थी, जिसे उच्च न्यायलय ने ख़ारिज करते हुए इन लोगों पर 50 हजार का जुर्माना भी लगा दिया। मथुरा के डीएम राजेश कुमार ने कहा कि जवाहर बाग सरकारी प्रॉपर्टी है। इस पर करीब 3 से 4 हजार लोगों ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है।


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दो वर्ष पहले सत्याग्रह करने के लिए दो दिन का समय ले कर यहां आये थे। स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह नाम के संगठन से जुड़े इन लोगों ने यहां कब्ज़ा जमा लिया। धीरे-धीरे 270 एकड़ की इस बेशकीमती जमीन पर बने बाग़, सरकारी ऑफिस और कर्मचारियों के आवास पर कब्ज़ा कर लिया।


ये है पूरा मामला

17 जून 2011 को बाबा जयगुरुदेव आश्रम निवासी रवि, सुरेशचंद्र पर कथित सत्याग्रहियों का हमला। इनके नेता रामवृक्ष यादव निवासी रामपुर बागपुर थाना मुरगढ़ जिला गाजीपुर समेत 15 लोगों नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला कर बलवा, मारपीट और धमकी दिए जाने का मुकदमा दर्ज।

7 जून 2014 को जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने सरकारी संपत्ति को कब्जा करने, क्षति पहुंचाने और विरोध करने पर गाली-गलौज कर धमकी देने की रिपोर्ट 250 कथित सत्याग्रहियों के खिलाफ थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी।

15 जून 2014 को ठेकेदार जयप्रकाश ने पेड़ों फल तोडऩे, काटने और जान से मारने की धमकी दिए जाने की रिपोर्ट थाना सदर बाजार में कराई थी।

24 सितंबर 2014 को जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने सरकारी संपत्ति को कब्जा करने, क्षति पहुंचाने और विरोध करने पर गाली-गलौज कर धमकी देने के रिपोर्ट कथित सत्याग्रहियों के खिलाफ थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी।

2 अक्टूबर 2013 को जवाहर बाग संरक्षण अधिकारी किशन ङ्क्षसह ने गाली-गलौज करके सरकारी कार्य में बाधा डालना और सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की रामवृक्ष समेत उनके समर्थकों के खिलाफ थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी।

29 नवंबर 14 को जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने सरकारी संपत्ति को कब्जा करने, क्षति पहुंचाने और विरोध करने पर गाली-गलौज कर धमकी देने के रपोर्ट कथित सत्याग्रहियों के खिलाफ थाना सदर बाजार में दर्ज कराई।

22 जनवरी 15 को थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार पांडेय ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को कब्जा करने, क्षति पहुंचाने और विरोध करने पर गाली-गलौज कर धमकी देने के रिपोर्ट कथित सत्याग्रहियों के खिलाफ थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी।

15 जून 2015 को सहायक उद्यान निरीक्षक जवाहर बाग रामस्वरूप शर्मा ने बलवा करने, गाली-गलौज करने, सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने और धमकी देने की रिपोर्ट स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रही पूर्वी प्याऊ तोरी सागर मध्यप्रदेश के मुखिया रामवृक्ष यादव समेत 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

15 जून 2015 को सहायक उद्यान निरीक्षक जवाहर बाग संपत्ति निरीक्षक रामस्वरूप शर्मा ने बलवा करने, गाली-गलौज करने, सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने और धमकी देने की रिपोर्ट स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रही पूर्वी प्याऊ तोरी सागर मध्यप्रदेश के मुखिया रामवृक्ष यादव समेत 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

27 मई 15 को जवाहरबाग में तैनात कर्मचारी जगदीश प्रसाद ने रामवृक्ष यादव, चंदनबोस समेत 20 लोगों को नामजद करते हुए 100-150 लोगों के खिलाफ मारपीट कर जवाहर की संपत्ति पर कब्जा करने की रिपोर्ट थाना सदर में दर्ज कराई थी।

16 मार्च 2016 को कलेक्ट्रेट कर्मचारी देवी सिंह ने रामवृक्ष यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट करने और धमकी देने का रिपोर्ट कराई थी।

8 अप्रैल 2016 को तहसील सदर के अमीन चंद्रमोहन मीना और मोतीकुंज निवासी अजय प्रताप मीणा ने रामवृक्ष यादव, चंदन बोस समेत 250 लोगों के खिलाफ थाना सदर बाजार में बलवा करने, अपहरण करने, मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट कराई थी। ये घटना चार अप्रैल की थी।

4 अप्रैल 2016 को अधिवक्ता राकेश कुमार ने बलवा करके तहसील परिसर में लूटपाट करने का रामवृक्ष यादव, चंदनबोस 200-250 लोगों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया था।

4 अप्रैल 2016 को तहसील सदर में तैनात लेखपाल नितिन चतुर्वेदी ने तहसील परिसर में घुसकर बलवा करने, लूटपाट और धमकी देने के साथ-साथ सरकारी कार्य में बाधा डालने का रामवृक्ष यादव, चंदनबोस समेत 200-250 लोगों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया था।


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