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जस्टिस काटजू का नया तंज, भारत को घोषित करें 'पवित्र देश' गिनाई ये वजहें

 Tahlka News |  2016-09-10 08:41:57.0

जस्टिस काटजू का नया तंज, भारत को घोषित करें”पवित्र देश”, गिनाई ये वजहें
तहलका न्यूज ब्यूरो

नयी दिल्ली . सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू के पोस्ट कई बार विवादों को न्योता देते रहते हैं. एक बार फिर सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में काटजू ने कुछ ऐसा कह दिया है कि ताजा चुनावी राजनीतिक माहौल में एक नया बवाल खड़ा हो सकता है. केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के काम और उसकी प्राथमिकताओं को ले कर काटजू ने तंजिया लहजे में कहा है कि 'अब बस यही कसर रह गई है कि सरकार भारत को पवित्र देश का दर्जा दे दे.

जस्टिस काटजू ने इसके लिए कई वजहे बताई हैं और कई कामो के लिए सुझाव भी दिए हैं.

काटजू का तर्क है कि भारत में गंगा नर्मदा जैसी पवित्र नदियां बहती हैं,वेद पुराण, रामायण महाभारत, जैसी पवित्र किताबें लिखी गईं. राम, कृष्ण, महावीर यहीं पैदा हुए और बुद्ध को ज्ञान यहीं मिला और दुनिया का सबसे बड़ा मेला कुंभ भी तो इसी पवित्र देश में लगता है. इसके अलावा गाय पवित्र पशु है, जिसकी रक्षा के नाम पर ढोगी बाबा जनता को ठगते हैं.

भारत को पवित्र राष्ट्र घोषित करने की मांग के साथ उन्होंने कई सुझाव भी दिए . काटजू का सुझाव है कि सबसे पहले रघुपति राघव राजा राम को राष्ट्रगान घोषित किया जाए और फिर इंडिया गेट की ज़मींदोज कर 100 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा बनवा दी जाए.

काटजू कहते हैं कि “जय श्री राम को” राष्ट्रीय अभिवादन घोषित करते हुए हर शहर के मुख्य चौक पर गोमाता की प्रतिमा लगानी चाहिए जिसकी देखरेख गौरक्षक करें. उन्हें गोरक्षा के नाम पर कुछ भी करने का अख्तियार हो. सारे पुरुष गेरुआ वस्त्र पहने और कंठ में रुद्राक्ष की माला भी, महिलाएं गेरुआ साड़ी पहने और घूंघट जरूर हो, ताकि दूसरों की बुरी निगाह से बचें.

इस सबके साथ हनुमान चालीसा गायन से पूरे देश में दिन की शुरुआत हो, यानी भोर से ही हनुमान चालीसा पाठ शुरू हो जाए.

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