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दिवाली में रखें आंखों का खास ख्याल

 Sabahat Vijeta |  2016-10-29 16:28:02.0

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नई दिल्ली| दिवाली खुशियों का त्योहार है, मगर हर्ष और उल्लास के बीच कोई अनहोनी न हो, इसके लिए सावधानी जरूरी है। हर तरफ दीयों, लड़ियों की जगमगाहट और आतिशबाजी की धूम हर किसी का मन मोह लेती है, लेकिन इससे वातावरण में प्रदूषण भी बढ़ जाता है, जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। खासकर आतिशबाजी के धुएं से सांस से संबंधित बीमारियां तो बढ़ती ही हैं, साथ ही प्रदूषण कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देता है। इतना ही नहीं, हमारी आंखों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता है।


आई टेक विजन सेंटर की नेत्र चिकित्सक डॉ. अंशिमा का कहना है, "आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए अगर हम कहें कि दिवाली सबसे बुरा समय है तो ये गलत नहीं होगा।" उन्होंने यह भी बताया कि दिवाली के 15 दिन बाद तक उनके पास आंखों की समस्याओं से ग्रस्त लोग आते रहते हैं। मुख्य रूप से इनमें आंखें लाल होना, आंखों से पानी आना और आंखों में खुजली होना जैसी समस्याएं होती हैं।


सूखापन : आजकल बढ़ते प्रदूषण की वजह से हमारे वातावरण में स्मॉग (फॉग और धुएं का मिश्रण) बहुत अधिक बढ़ गया है, खास तौर पर जाड़े में इसकी संभावना बहुत बढ़ जाती है। आंखों में सूखापन, लाली, सेंसेटिविटी आदि इसके लक्षण हैं। वहीं अगर हम बात दिवाली की करें तो इस दौरान इस बात का बेहद ख्याल रखें कि आंखों को जितना हो सके धुएं और बारूद से बचाएं और सबसे महत्वपूर्ण बात कि जल्द से जल्द किसी नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।


सफाई : हम में से बहुत से लोगों की ये आदत होती है कि जब भी हमारी आंखों में कुछ चला जाता है या हल्की सी भी खुजली होती है तो अपनी आंखें मलने लगते हैं, जो की बहुत ही गलत आदत है, क्योंकि जब हमारे हाथ गंदे होते हैं और हम अपनी आंखों को छूते हैं तो उनमें इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है।


डॉ. अंशिमा का कहना है कि आंखों की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि जब भी धूप में या ऐसी जगह पर जाएं, जहां धूल बहुत ज्यादा हो तो हमेशा सन ग्लास का प्रयोग जरूर करें।


आई मेकअप से दूर रहें : अगर आपकी आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी हो रही हो तो इस बात का खास ख्याल रखें कि किसी भी प्रकार के आई मेकअप से दूर रहें, क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपके मेकअप प्रोडक्ट में इस्तेमाल किए गए केमिकल की वजह से हो सकता है कि आपकी समस्या बढ़ जाएं।


कॉनटेक लेंसेज न लगाएं : अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं तो पटाखे जलाते समय कॉन्टैक्ट लेंस यानी चश्मा उतार दें।

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