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ये सीट तय करती है, किसके सर होगा यूपी का ताज

 Avinash |  2017-02-11 17:07:30.0

ये सीट तय करती है, किसके सर होगा यूपी का ताज

अविनाश भदौरिया
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो चूका है. पहले चरण के मतदान में लोगों ने जबरजस्त उत्साह दिखाते हुए रिकॉर्ड 64.22 फीसदी मतदान किया. शनिवार को वेस्ट यूपी के 15 जिलों की जिन 73 विधानसभा सीटों में वोटिंग हुई है उनमें से एक सीट ऐसी भी है जो पिछले चार दसकों से सूबे के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा यह तय करती है. आप सोच रहें होंगे कि, हम ये कैसी बेवकूफी वाली बात कर रहें हैं, लेकिन ये हम नहीं कह रहे दरअसल ऐसा आकड़े बोल रहें हैं.
गौरतलब है कि, चुनाव के वक्त हमारे राजनीतिक विशेषज्ञों से लेकर नुक्कड़ पर चाय पीते हुए युवा सभी अपनी-अपनी गणित लगाते हैं कि, कौन सी पार्टी सत्ता हासिल करेगी और कौन सी पार्टी हाशिए पर रहेगी. सबके अपने-अपने तर्क भी होते हैं, लेकिन हम आपको जो आकड़े बताने जा रहें हैं उन्हें जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे.

हम बात कर रहें हैं यूपी के कासगंज विधानसभा सीट की. आकड़े बताते हैं कि, 1974 से अब तक यहां जिस पार्टी की उम्मीदवार जीता है, उसी पार्टी की सरकार बनी है या तो वो पार्टी सबसे ज्यदा बहुमत में रही है. ये एक संयोग ही है, लेकिन यह सौ फीसदी सत्य भी है.

1974 में कांग्रेस के प्रत्याशी मनपाल सिंह यहाँ से विधायक रहे और कांग्रेस ने सरकार बनाई, वहीँ 1977 में जब जनता पार्टी की लहर चली तो नेतराम सिंह यहां से जीते. इसके बाद एकबार फिर 1980-85 में यूपी में कांग्रेस की सरकार बनी और मनपाल सिंह यहाँ से जीते, जब 1989 में मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने तो जनता पार्टी के गोवर्धन सिंह जीते. इसके बाद 1991 में बीजेपी की सरकार बनी और नेतराम सिंह जीते. 1996 में यहाँ से बीजेपी के नेता कल्याण सिंह जीते हालंकि तब बीजेपी की सरकार तो नहीं बनी, लेकिन को सबसे ज्यादा सीटें मिली थी. इसके बाद जब 2002 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो सपा प्रत्याशी मनपाल सिंह की जीत हुई थी. वहीँ 2007 में बीएसपी से हसरत उल्लाह जीते और मायावती की सरकार बनी. इसके बाद पिछले चुनाव 2012 में जब फिर सपा ने सरकार बनाई तो मनपाल सिंह यहाँ से विधायक चुने गए.

अब सवाल यह उठता है कि, इस बार यहाँ से कौन जीत रहा है,अगर यह मालूम पड़ जाए तो शायद यूपी में किसकी सरकार बन रही है इसका जवाब मिल सकता है, लेकिन स्थानीय लोगों से बात करने से मालूम हुआ कि, कासगंज में भी मुकाबला त्रिकोणीय है.

बता दें कि 2007 में कासगंज से बीएसपी की टिकट पर जीते हसरत उल्लाह शेरवानी इस बार समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी हैं. हसरत उल्लाह अपनी टक्कर बीजेपी के देवेन्द्र राजपूत से बताते है तो वहीँ बीएसपी के अजय चतुर्वेदी भी जीत का दावा ठोक रहे हैं.

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