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फ्लाईओवर हादसा: कंपनी ने जताया बम विस्फोट का संदेह, जानिए 10 खास बातें

 Tahlka News |  2016-04-01 08:47:37.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
कोलकाता. कोलकाता के फ्लाईओवर हादसे में 24 लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद पुलिस, निर्माण कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए हैदराबाद पहुंच गई है। इस बीच, ब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनी ने कहा है कि मामले में बम विस्फोट सहित सारे कारणों की जांच की जानी चाहिए!


मामले से जुड़ी खास बातें...


1. गुरुवार को फ्लाईओवर का करीब 100 मीटर का हिस्‍सा धराशायी होकर इसके नीचे की सड़क से गुजर रहे राहगीरों और वाहनों पर जा गिरा था। बुर्राबाजार शहर का सबसे पुराना और व्यस्ततम क्षेत्र है। करीब 90 लोगों को मलबे से बचाया गया।


2. एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया है और मलबे में अब कोई भी फंसा नहीं है। बचावकर्मियों ने तलाशी अभियान चलाया।


3. सीसीटीवी के विजुअल में देखने में आया है कि लंचटाइम के दौरान ब्रिज भरभराकर नीचे से गुजर रहे लोगों, कारों और अन्य वाहनों पर जा गिरा। कई लोग कंक्रीट-मेटल स्लैब के नीचे दब गए।


4. सेना और आपदा प्रबंधन कर्मचारियों ने कंक्रीट और मेटल कटर्स, ड्रिलिंग मशीन और हीट कैमरों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़ा अभियान छेड़ा।


5. तीन क्रेन रात से मलबे को काम में जुटी रहीं। इनके जरिये मलबे में फंसे उन लोगों तक पहुंच बनाई गई जिनमें लोग फंसे थे।


6. कोलकाता पुलिस की टीम फ्लाईओवर का निर्माण करने वाली IVRCLसमूह के अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए हैदराबाद पहुंच गई है। पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि कंपनी के पांच अधिकारियों को कोलकाता में हिरासत में लिया गया है।


7. इस बीच, धराशायी हुए फ्लाईओवर का निर्माण करने वाली हैदराबाद की कंपनी IVRCLने सफाई दी है कि क्वालिटी से समझौता नहीं किया और हमसे लापरवाही नहीं हुई है। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि हमें FIR की जानकारी नहीं है।


8. एक प्रेस कांफ्रेंस में निर्माता कंपनी की ओर से कहा गया कि यह महज एक हादसा है। इससे पहले बुधवार को कंपनी के एक अधिकारी ने फ्लाईओवर के गिरने को दैवीय प्रकोप (एक्ट ऑफ गॉड)करार दिया था।


9. दो किलोमीटर का ब्रिज वर्ष 2009 से निर्माणाधीन था। निर्माण कार्य पूरा होने की कई डेडलाइंस को कंपनी हासिल नहीं कर सकी थी। कंपनी को 18 दिन की डेडलाइन दे दी गई थी। वर्ष 2009 में प्रोजेक्ट को पूरा करने को काम के लिए 165 करोड़ का बजट निर्धारित था लेकिन केवल 60 फीसदी काम ही पूरा हो पाया था।


10. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्‍होंने मामले का दोष पूर्ववर्ती वामपंथी सरकार पर मढ़ा हैं जिसने 2007 में फ्लाईओवर निर्माण का ठेका दिया था।

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