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कुम्भ और आगरा के इतिहास पर रौशनी डालती पुस्तकें

 Sabahat Vijeta |  2016-08-01 17:59:12.0





लखनऊ स्थित एक होटल में कुम्भ मेले पर बनी कॉफी टेबल बुक का विमोचन कर उपस्थित जनों को सम्बोधित करते  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ।


  • ‘कुम्भ मेला: एक क्षणिक महानगर का प्रतिचित्रण’ अंग्रेजी पुस्तक Kumbh Mela : Mapping the Ephemeral Megacity का हिन्दी संस्करण

  • हिन्दी संस्करण से देश में लोगों को कुम्भ मेले के आयोजन में समाजवादी सरकार द्वारा की गयी व्यवस्थाओं की जानकारी मिलेगी: मुख्यमंत्री

  • अस्थायी महानगर के बसने और उसमें जनसुविधाओं की व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराती है पुस्तक

  • देश-विदेश में होने वाले अन्य मेले और महोत्सव के आयोजन में मदद मिलेगी

  • ‘प्लानिंग फाॅर कंजर्वेशन: लुकिंग एट आगरा’ पुस्तक से प्राप्त होने वाली जानकारी से आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों और जनसुविधाओं के बेहतर विकास में मदद मिलेगी


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां होटल ताज विवांता में आयोजित एक कार्यक्रम में पुस्तकों ‘कुम्भ मेला: एक क्षणिक महानगर का प्रतिचित्रण’ तथा ‘प्लानिंग फाॅर कंजर्वेशन: लुकिंग एट आगरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले का आयोजन प्राचीन काल से ही हो रहा है। कुम्भ अपने में एक अनुभव है। अपनी आस्था के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। कुम्भ में आने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक इलाहाबाद में वर्ष 2013 में आयोजित कुम्भ मेले के माध्यम से अस्थायी महानगर के बसने और उसमें सभी प्रकार की जनसुविधाओं की व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराती है। इससे देश-विदेश में होने वाले अन्य मेले और महोत्सव के आयोजन में मदद मिलेगी। पुस्तक के हिन्दी संस्करण से देश में लोगों को कुम्भ मेले के आयोजन के सम्बन्ध में समाजवादी सरकार द्वारा की गयी व्यवस्थाओं की जानकारी मिलेगी। लोगों को यह भी पता चलेगा कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने क्या प्रबन्ध किये और इस सम्बन्ध में आने वाली चुनौतियों का किस प्रकार सफलतापूर्वक सामना किया गया।


श्री यादव ने कहा कि आगरा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। शोधपरक पुस्तक ‘प्लानिंग फाॅर कंजर्वेशन: लुकिंग एट आगरा’ से प्राप्त होने वाली जानकारी से आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों और जनसुविधाओं के बेहतर विकास में मदद मिलेगी।


ज्ञातव्य है कि सचित्र पुस्तक ‘कुम्भ मेला: एक क्षणिक महानगर का प्रतिचित्रण’ अंग्रेजी पुस्तक

Kumbh Mela : Mapping the Ephemeral Megacity का हिन्दी संस्करण है। अंग्रेजी संस्करण का विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा नई दिल्ली में किया गया था। इस पुस्तक का प्रकाशन हार्वर्ड विश्वविद्यालय साउथ एशिया इंस्टीट्यूट द्वारा किया गया है। वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित कुम्भ मेले की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं पर आधारित इस शोधपरक पुस्तक का सम्पादन प्रो. राहुल मेहरोत्रा और फिलिप वेरा द्वारा किया गया है। ‘प्लानिंग फाॅर कंजर्वेशन: लुकिंग एट आगरा’ पुस्तक आगरा के आधुनिक विकास के विषय में है। इसकी रचना प्रो. राहुल मेहरोत्रा द्वारा की गयी है। श्री मेहरोत्रा एक आर्किटेक्ट तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय साउथ एशिया इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर हैं।


पुस्तक के विमोचन के बाद आयोजित एक चर्चा में मुख्य सचिव दीपक सिंघल सहित कुम्भ मेला-2013 के दौरान कार्यरत अधिकारियों प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, इलाहाबाद के तत्कालीन मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी, इलाहाबाद के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक आलोक शर्मा, कुम्भ मेला अधिकारी मणि प्रसाद मिश्रा, प्रो. राहुल मेहरोत्रा आदि ने भाग लिया तथा कुम्भ मेला के सफल आयोजन के सम्बन्ध में अपने अनुभवों को साझा किया।


इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय साउथ एशिया इंस्टीट्यूट की कार्यकारी निदेशक सुश्री मीना हीवेट ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस शोध पुस्तक से सामने आये निष्कर्षाें से आर्किटेक्चर के क्षेत्र में काम करने वालों को काफी लाभ होगा तथा आने वाले समय में अस्थायी शहरों को बसाने में सुरक्षा, स्वास्थ्य जैसी जनसुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी।


इस अवसर पर बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन, समाज कल्याण मंत्री राम गोविन्द चौधरी सहित जनप्रतिनिधिगण, भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष गोपालदास नीरज, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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