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कुष्ठ पीड़ितों को समान नागरिक अधिकार मिलें

 Sabahat Vijeta |  2016-10-16 15:57:29.0

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज हनुमत सेवा समिति द्वारा आयोजित एवं कुष्ठ पीड़ितों को समर्पित ‘राम हनुमत महोत्सव’ में कुष्ठ पीड़ितों को खाद्य सामग्री वितरित की तथा निर्धन बच्चों को पाठय सामग्री वितरित की। कार्यक्रम का आयोजन सदर स्थित रामलीला मैदान में किया गया था। इस अवसर पर कुलपति, शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ डॉ. निशीथ राय, हनमुत सेवा समिति के संरक्षक प्रभुनाथ राय, विश्वविख्यात कथा वाचक अजय याग्निक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


राज्यपाल ने हनुमत सेवा समिति की सराहना करते हुए कहा कि समिति द्वारा कुष्ठ पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास स्वागत योग्य है। कुष्ठ पीड़ितों की सहायता करना और उनके पुनर्वास के बारे में सोचना वास्तव में बड़ी बात है। कुष्ठ पीड़ितों को समान नागरिक अधिकार मिलना चाहिए। विज्ञान ने साबित कर दिया है कि कुष्ठ रोग संक्रामक नहीं है इसलिये कुष्ठ पीड़ितों के लिये नई नीति बनाने एवं अनेक कानून बदलने की जरूरत है। कुष्ठ रोग से पीड़ित नागरिकों को उनके परिवार के लोग भी स्वयं से अलग कर देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृृति वसैधुव कुटुम्बकम पर विश्वास करती है, ऐसे में कुष्ठ पीड़ितों के मन के भावों को समझने की आवश्यकता है।


श्री नाईक ने बताया कि वे गत 40 वर्षों से भी ज्यादा समय से कुष्ठ पीड़ितों के पुनर्वास के लिये इण्डियन लेप्रेसी यूनियन जैसी संस्था के माध्यम से कार्य करते रहे हैं। राज्यपाल बनने के बाद उन्होंने इण्डियन लेप्रेसी यूनियन के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया। इस संस्था के अध्यक्ष बाबा आमटे भी रह चुके हैं और वर्तमान में उनके पुत्र विकास आमटे अध्यक्ष है। 2007 में कुष्ठ पीड़ितों के पुनर्वास हेतु एक याचिका संसद की याचिका समिति के समक्ष प्रस्तुत की थी। उस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुष्ठ रोगियों को रूपये 2000 मासिक पेंशन दिये जाने की संस्तुति की थी। यह प्रसन्नता की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मेरी सलाह पर कुष्ठ पीड़ितों का निर्वहन भत्ता 2500 रूपये प्रति माह कर दिया।


राज्यपाल ने कहा कि समाज में कुष्ठ पीड़ितों के प्रति धारणा बदलने की दृष्टि से उन्होंने स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर कुष्ठ पीड़ितों को विशिष्ट अतिथि के रूप में राजभवन आमंत्रित करने की परम्परा की शुरूआत की है तथा उन्हें चाय पर आमंत्रित भी किया। कुष्ठ पीड़ितों में सामाजिक अधिकार और समानता का भाव जागृति करने के लिये राजभवन में उनकी भजन मण्डली को आमंत्रित करके भजन सन्ध्या का आयोजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने तथा स्वावलम्बी बनाने के लिये राजभवन के दरवाजे सदैव खुले हैं।


कार्यक्रम में कुलपति डॉ. निशीथ राय, समिति के संरक्षक प्रभुनाथ राय सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखें तथा सुश्री नीतिका राय ने भजन प्रस्तुत किये।

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