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खुलासा: LU की डिस्पेंसरी का हाल बेहाल, न डॉक्टर न एंबुलेंस का ड्राइवर!

 Girish Tiwari |  2016-12-12 04:34:53.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. लखनऊ यूनिवर्सिटी की बदहाल डिस्पेंसरी को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है. यूनिवर्सिटी की बदहाल डिस्पेंसरी को लेकर प्रॉक्टर कार्यालय की तरफ से कुलपति डॉ़ एसपी सिंह को पत्र भेजा गया है. इसमें लिखा है कि डिस्पेंसरी में डॉक्टर नहीं मिलते हैं और यहां खड़ी एंबुलेंस के लिए कोई ड्राइवर नहीं है.


पत्र के मुताबिक प्राथमिक उपचार के लिए बनी डिस्पेंसरी में सामान्य इलाज मिलना तो दूर, मरहम पट्टी तक नहीं हो पा रही है. यही नहीं, स्टूडेंट, शिक्षक या कर्मचारियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए खड़ी एम्बुलेंस का भी कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है.


लखनऊ विवि की डिस्पेंसरी में डॉक्टरों के ठहरने और ओपीडी के लिए कमरे बने हैं. आरोप है कि यह कमरे ज्यादातर बंद ही रहते हैं और आम स्टूडेंट्स को जरूरत के मुताबिक दवाएं नहीं मिल पातीं. इस बीच प्रॉक्टर की तरफ से कुलपति को भेजे गए पत्र को काफी अहम माना जा रहा है.


दरअसल इस डिस्पेंसरी के लिए लाखों रुपये की दवा का बजट हर साल जाता है. पूर्व कुलपति प्रो़ आरपी सिंह ने यहां 15 बेड का वार्ड भी बनाया था, ताकि मरीजों को जरूरत पड़ने पर अस्थायी तौर पर भर्ती भी किया जा सके. कुछ जांच मशीनें भी खरीदी गई थीं, लेकिन यह सब कमरों में बंद पड़ी हुई हैं.


कुछ वर्षों पहले यहां एम्बुलेंस भेजी गई. इसे चलाने के लिए तीन ड्राइवर तैनात हुए लेकिन एक-एक करके सभी चले गए. अब यह एम्बुलेंस चलाने वाला भी कोई नहीं है. पिछले दो महीने के दौरान परिसर में कई छात्र घायल हुए लेकिन सभी को प्राथमिक इलाज के लिए विवेकानंद अस्पताल या दूसरे अस्पतालों में हुआ.


एलयू डिस्पेंसरी के हालात को लेकर कुलपति के पास पत्र भेज दिया गया है. दोपहर बाद कोई हादसा होने पर कोई डॉक्टर नहीं मिलता. एम्बुलेंस चलाने वाला कोई नहीं है. ऐसे में डिस्पेंसरी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है. इस संबंध में कुलपति ही कोई फैसला कर सकते हैं.

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