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मधु मिश्रा का निलंबन भाजपा का दिखावा : मायावती

 Tahlka News |  2016-04-05 16:58:03.0

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लखनऊ, 5 अप्रैल.  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने भाजपा महिला मोर्चा की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मधु मिश्रा द्वारा अलीगढ़ में दलित समाज के प्रति जातिवादी अपमानजनक बयान दिए जाने की कड़ी निंदा की।
उन्होंने मधु मिश्रा के भाजपा से निष्कासन की कार्रवाई को उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मजबूरी में लिया गया एक 'दिखावटी व खानापूर्ति' करने का फैसला बताया है।

मायावती ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि अगर भाजपा दलित सम्मान के मामले में इतनी ही गंभीर है तो उसे केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह के खिलाफ सबसे पहले कार्रवाई करनी चाहिए।


बसपा मुखिया ने कहा कि वैसे तो यह जग-जाहिर है कि भाजपा एंड कंपनी का 'चाल, चरित्र व चेहरा' हमेशा से ही घोर जातिवादी व खासकर दलित-विरोधी रहा है और यही कारण है कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद व पार्टी में उच्च पदों पर बैठे लोग भी दलितों का घोर अपमान करने में जरा भी पीछे नहीं रहते।

मायावती ने कहा कि इस संबंध में खासकर वी.के. सिंह का घोर निंदनीय बयान देश की जनता के सामने है। उन्होंने दलितों की तुलना जानवर से करके न केवल अपने मंत्री पद की गरिमा को गिराया, बल्कि संविधान की शपथ का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन भी किया। फिर भी न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और न ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की है।

मायावती ने कहा कि इस प्रकार भाजपा द्वारा इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करके अपनी जातिवादी मानसिकता का ही उदाहरण पेश किया गया है। इस मामले में भाजपा नेतृत्व की नीयत अगर थोड़ी भी साफ होती तो मधु मिश्रा को निलंबित करने से पहले वी.के. सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करती और तब किसी मधु मिश्रा या अन्य भाजपा नेताओं को दलितों का अपमान करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता।

मायावती ने कहा कि इसी प्रकार हैदराबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर द्वारा उत्पीड़न व शोषण से मजबूर होकर वहां पीएचडी करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में भी केंद्र की भाजपा सरकार का रवैया अभी तक दलित-विरोधी बना हुआ है।(आईएएनएस/आईपीएन)

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