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ठंडा ठंडा कूल कूल, फिर जीती ममता की तृणमूल

 Tahlka News |  2016-05-19 06:59:58.0

लखनऊ. दीदी के नाम से मशहूर ममता बनर्जी लगातार दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. कानून और शिक्षा के कला में उच्च डिग्री हासिल करने वाली ममता की छवि एक लड़ाकू और जुझारू राजनेता की रही है. उन्हें राजनीति में लाने वाले सुब्रत मुखर्जी थे. उन्होंने कांग्रेस की छात्र इकाई के तौर पर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की.

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अपने गर्म मिजाज के लिए पहचानी जाने वाली ममता बनर्जी ने इस बार नारा दिया था "ठंडा ठंडा कूल कूल, फिर आबे तृणमूल"

2006 के विधानसभा चुनावों में ममता ने कांग्रेस का नेतृत्व किया था मगर उन्हें 294 में से केवल 30 सीटें ही मिली थीं. इसके बाद ममता ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई पार्टी बना ली.


ममता राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में उस वक्त आई जब उन्होंने 1984 में लोकसभा चुनाव में माकपा नेता सोमनाथ चटर्जी को पराजित किया, इसके बाद उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

1991 में वो पहली बार केंद्र में मंत्री बनीं. उन्होंने 1998 से 2001 तक ममता ने भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया और फिर 2001 में एक बार फिर से वो कांग्रेस के साथ खड़ी आ गई. फिर उन्होंने 2001-06 तक बीजेपी का साथ दिया.
2011 के विधान सभा चुनावो में लम्बे समय से पश्चिम बंगाल में चल रहे साम्यवादी सरकार के शासन का अंत कर वह पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य मंत्री बनीं.

ममता को राजनीतिक के अलावा लिखने और पेटिंग का शौक हैं. वो खाना बनाने का शौक रखती हैं. ममता धार्मिक प्रवृत्ति की है. दुर्गापूजा और काली पूजा में वो हमेशा शामिल होती है.

चुनावी के नतीजों ने साफ़ कर दिया है कि ममता बनर्जी के अलावा राज्य के लोगों के पास कोई दूसरा अच्छा विकल्प नहीं था. ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं पर हलाकि भ्रष्टाचार के बहुत आरोप लगे पर उन्होंने अपने हर उस वादों को पूरा करने की कोशिश की जो उन्होंने पिछले चुनाव के दौरान कही थी. शारदा घोटाले के कारण उनकी सरकार की छवि धूमिल जरूर हुई लेकिन फिर भी जनता को ममता में पाक-साफ छवि दिखी.
ममता ने महिलाओं के सम्मान की बात कही तो उनके लिए लड़ाई भी की और मां,मिट्टी,मानुष के वादे पर टीएमसी कायम रही. ममता बनर्जी ने आम लोगों को टारगेट किया और विश्वास जीता साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस के दस्तावेजों को रिलीज करकर ममता ने बंगाल के लोगों का दिल जीता.

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