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हर जुर्म के लिए महज 6 महीने की सजा, लेकिन जेल से ज़िंदा वापस न लौटेगा

 Anurag Tiwari |  2016-10-03 07:09:38.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो

नई दिल्ली. देश में अपनी तरह के अनूठे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने एक ठग को अनूठी सजा दी है. इस ठग को हर ठगी के लिए महज 6 महीने की सजा मिली है लेकिन इसके बाद भी जेल से जिन्दा नहीं लौटेगा.

दिल्ली हाई कोर्ट ने  362 लोगों से ठगी के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को 181 साल की सजा सुनाई है. यानि कि हर व्यक्ति से ठगी के लिए छह महीने की सजा. लेकिन यह सभी छह महीने की सजाएँ एक साथ चलने के बजाय एक मामले की सजा खत्म होने के बाद दूसरे मामले में छह महीने की सजा शुरू होगी. यह सख्त फैसला तीस हजारी स्थित उपभोक्ता कोर्ट ने सुनाया है, जिसमें राजेंद्र मित्तल (66) को दोषी करार देते हुए सख्त सजी दी गई है.


कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि दोषी को हर व्यक्ति के लिए अलग से सजा काटनी होगी। ऐसे में दोषी को 2172 महीने यानी 181 साल की सजा भुगतनी होगी. राजेंद्र मित्तल पर आरोप है था कि उसने अपनी के साथ संग मिलकर 1990 में ट्रॉनिका सिटी में प्लॉट बेचे थे. उस पर आरोप था कि 200 और 400 वर्गगज के प्लॉट देने का झांसा देकर राजेंद्र मित्तल ने 362 लोगों से कई करोड़ रुपये ठग लिए.

जब लोगों को प्लाट नहीं मिले तो इस मामले में दिल्ली के कई थानों में शिकायत दर्ज कराई हुई. इन शिकायतों के मुताबिक़ 362 पीड़ितों ने दिल्ली के शकरपुर, सब्जी मंडी, कनॉट प्लेस और पंजाबी बाग थाने में अलग-अलग धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कराया था. इसके बाद पीड़ितों ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में मौजूद उपभोक्ता को‌र्ट में भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया था. उपभोक्ता कोर्ट ने 362 पीड़ितों के हक में फैसला सुनाते हुए राजेंद्र मित्तल को प्रत्येक पीड़ित को चूना लगाने के लिए छह-छह महीने कैद की सजा सुनाई है.

निचली अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि पहले छह महीने की सजा पूरी होने के बाद ही दूसरे पीड़ित को ठगने के लिए सुनाई गई सजा शुरू होगी. इस तरह से उपभोक्ता कोर्ट ने दोषी को 181 साल की सजा सुनाई थी. जब राजेंद्र ने उपभोक्ता कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी तो हाईकोर्ट ने भी उपभोक्ता कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया.

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