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सितम्बर में लगेगा PK का मास्टर स्ट्रोक, भांप चुके हैं जमीनी मिजाज

 Tahlka News |  2016-08-27 12:13:12.0

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उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. कांग्रेस को संजीवनी देने के में जुटे प्रशांत किशोर ने धीरे धीरे अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं. कुछ शीर्ष कांग्रेसी नेताओं को छोड़ कर यूपी कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी पीके की योजनाओं का बहुत अंदाजा नहीं रहता है. पीके की योजना का पहला चरण पूरा हो चूका है और अब वे अपना पहला मास्टर स्ट्रोक खेलने की तैयारी में हैं.

शुरूआती दौर में पीके की टीम ने जिलों और बूथों पर कार्यकर्ताओं के आंकड़े जुटाए और फिर राहुल गाँधी का संवाद आयोजित कर दिया. राहुल के संवाद कार्यक्रम में भीड़ भी जुटी और इसके बाद मोदी के संसदीय क्षेत्र में सोनिया की रैली ने भी कांग्रेस का उत्साह बढाने में मदद की. मगर इसके बाद अचानक कांग्रेस में एक खामोशी सी छा गयी थी.


इस ख़ामोशी को तोड़ने के लिए यूपी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को बस में बैठा कर “27 साल यूपी बेहाल” के नारे के साथ जनता का मूड भापने के लिए रवाना कर दिया गया. इस यात्रा के जरिये पीके कांग्रेस के संभावनाओं वाले जिलों की तलाश के साथ साथ स्थानीय नेतृत्व की ताकत भी परख रहे हैं.

बस यात्रा के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए यूपी में पूरे एक महीने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है . इस दौरान राहुल मोदी सरकार के मंत्रियों के संसदीय क्षेत्र में जा कर हमला बोलेंगे. राहुल का जोर मोदी सरकार की योजनाओं को विफल साबित करने में रहेगा. इसकी शुरुआत केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के संसदीय क्षेत्र देवरिया से हो सकता है और समापन के लिए राजनाथ सिंह के लखनऊ को चुना जा सकता है.

सितम्बर के पहले हफ्ते से शुरू होने वाले अभियान के जरिये 15 से 20 दिन के भीतर कांग्रेस के पक्ष में हवा बनाने की तैयारी है. इस तैयारी का आलम यह है कि कांग्रेसियों का मानना है कि इसी दौरान यूपी की राजनीती में बड़ा उथल पुथल मच जायेगा. इस अभियान के लिए कार्यकर्ताओं को हर विधान सभा में 25 हजार घरो का टारगेट है जिसमे कोई कोताही नहीं बर्दाश्त की जाएगी. इस मौके के लिए नारे और प्रचार सामग्री तैयार हैं और इस बार कांग्रेस आक्रामक रूप से मैदान में आएगी.
पीके के मास्टर स्ट्रोक का मौका बनेगा बकरीद का त्यौहार. पीके बकरीद को राजनैतिक त्यौहार बना देंगे. इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के साथ साथ ब्राह्मण, वैश्य और दलितों को एक साथ बुलाया जायेगा. ताहि कांग्रेस का मूल वोट बैंक भी रहा है और यही वोटबैंक यूपी की राजनीती की दिशा भी तय करता है. यूपी में ईद पर हमेशा से सियासत होती रही है मगर इस बार पीके ने “बकरीद” को चुना है.

इस बड़े अभियान के लिए रूट मैप 2 या 3 सितम्‍बर तक रेडी हो जायेगा. इस रोड मैप के केंद्र में पश्‍चिमी और पूर्वी क्षेत्रों के कुछ बड़े जिले होंगे.

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