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मायावती ने कहा-मेरा नहीं बल्कि अमित शाह और मोदी के चेहरे का उतर गया है “नूर”

 Tahlka News |  2016-12-26 07:36:29.0

mayawati-press

तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. आनन फानन में बुलाई गयी एक प्रेस वार्ता में बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोट बंदी को ले कर पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर कदा व्यंग किया है. मायावती ने कहा कि- मेरा नहीं बल्कि मोदी और अमित शाह सहित भाजपा नेताओं के चेहरे का नूर उतर गया है.

मायावती ने कहा कि यूपी में जल्द होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर जिसमें ख़ास तौर पर भाजपा के नए नए हथकंडों की वजह से प्रदेश की जनता और ख़ास तौर पर मुस्लिम समाज को सतर्क करने के लिए है ताकि भाजपा का मंसूबा कामयाब ना हो सके . भाजपा ने अभी तक एक चौथाई भी काम नहीं पूरा किया है , देश सहित प्रदेश की जनता नाराज़ है , और यूपी में इनको कोई सफलता नहीं मिलने जा रही है .


मायावती ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा ने बिकाऊ माल एवं स्वार्थी लोगों को तोड़ कर अपनी पार्टी में मिलाया , घिनौना हथकंडों के के ज़रिए परिवर्तन के ज़रिए ज़ोर लगाया है और धन्ना सेठों का पैसा लगाया है , साथ ही मुलायम की सरकार की तरह इन्होंने बहुत सारे शिलान्यास किया है.

नोट बंदी के फैसले पर मायावती ने कहा कि इन्होंने यूपी सहित देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए नोट बंदी का अपरिपक्व फ़ैसला लिया जो इनके गले की हड्डी बन गया है , पचास दिन पूरे होने वाले हैं लेकिन ग़रीब परेशान है , जिसका सबक़ इनको चुनाव में मिलेगा ऐसा मेरी पार्टी का मानना है.

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की चर्चाओं को भी मायावती ने भाजपा का खेल बता दिया और कहा कि जब भाजपा आने वाले चुनाव में बसपा की सरकार आने वाली है ऐसा जान कर इसको रोकने के लिए भाजपा ने मुस्लिम वोटों को लेकर मुलायम सिंह और सपा के ऊपर दबाव बना कर कांग्रेस से गठबंधन करने की प्रयास कर रहा है. माया ने आरोप लगाया कि इसके लिए ED SE लेकर अलग अलग एजेंसीयों के जरिये दबाव बनाया जा रहा है और जबतक भाजपा अंतिम मोहर नहीं लगाएगी तब तक सपा और कांग्रेस का गठबंधन नहीं होगा.

समाजवादी पार्टी को अल्पसंख्यको का दुश्मन बताते हुए मायावती ने कहा कि इस का खुलासा करने के लिए हमने किताब जारी की है ताकि मीडिया को सही जानकारी मिल सके और मुस्लिम समाज के लिए जो दोगली सोच है सपा सरकार की उसको उजागर किया जा सके , इस पार्टी का साम्प्रदायिक दंगों का रेकर्ड रहा है , यह तक की क़ानून का राज नहीं बल्कि जंगल राज रही है , मुलायम से लेकर उनके पुत्र की सरकार में यूपी के लोग साम्प्रदायिक दंगों से लोग परेशान रहे हैं जिसमें ग़रीब और मुस्लिम परेशान होते है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भाजपा से मिल कर अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलायी गई, वही अखिलेश सरकार में साम्प्रदायिक दंगा है जो गुजरात के ख़ूनी दाग़ की तरह है जिसको मिटाया नहीं जा सकता है , अखिलेश ने अपने बाप का रिकार्ड तोड़ा है , करनैल की घटना से बड़ी घटना मुजफ्फर नगर की थी जिसने एक लाख लोग प्रभावित हुए. इसी प्रकार कांग्रेस के 1980 -87 -88 -89 में साम्प्रदायिक दंगों को कौन भुला सकता है, माया ने दावा किया कि बीएसपी के चारों शासन काल के 10 % भी काम इनकी सरकार में नहीं हुआ है.
माय्वारती ने कहा कि जब भी हमारी सरकार आती है तो भाजपा कमज़ोर होती है लेकिन सपा के दौरान भाजपा मज़बूत होती है जिसका उदाहरण 2009 का लोक सभा है जिसमें भाजपा 9 सीट जीती थी लेकिन सपा के सरकार में 73 सीते जीत गयी.

खुद के भाजपा के साथ साझा सरकार पर मायावती ने कहा कि हमने भाजपा के साथ सरकार ज़रूर बनाई थी लेकिन हमने अपने ऊसूलों से समझौता नहीं किया. हमने क़ानून का राज क़ानून से किया है लेकिन सपा सरकार में जंगल राज रहता है और एक विशेष जाति का ध्यान रखा जाता है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान में ओकसीजन पर चल रही है कांग्रेस से गठबंधन के लिए इतना उतावला क्यों दिख रहा है , इसकी गहराई में जा कर जनता को सोचना होगा क्योंकि इसके आगे चल कर राजनीतिक फ़ैदा उठा सकती है, लेकिन हक़ीक़त है कि गठबंधन के बाद भी सत्ता हासिल नहीं कर सकती है और हार के बाद सपा अपने परिवार की वर्चस्व की लड़ाई और अपनी कमियों का पूरा ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ देगी , क्योंकि ये पारिवारिक कलह और लॉ एंड ऑर्डर की वजह से ये पावर में आने वाले नहीं है इनको भी मालूम है ,कांग्रेस की हालत क्या है सभी जानते है. ये सब इस लिए की सपा का मुखिया (अखिलेश ) आगे चल कर अपना फ़्यूचर ठीक कर सके , इससे कांग्रेस को भी सावधान रहना पड़ेगा .

मुस्लिमो को आगाह करते हुए मायावती ने कहा कि सपा दो खेमों में बँट चुकी है और एक दूसरे को हराने का काम करेंगे. इस लिए मुस्लिम वोट अगर बँटता है तो इसका फ़ैदा भाजपा को मिलेगा लेकिन मुझे पूरा विश्वास है की मुस्लिम ऐसा नहीं करेगा. इस बार यूपी में मुस्लिम समाज के लोग भाजपा के विरोधी पार्टी में उसी पार्टी के प्रत्याशी को वोट देंगे जो भाजपा के प्रत्याशी को हराएगा.

माया ने वोटरों को सन्देश देते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में दोनो धर्मी को सावधान रहना होगा क्योंकि ये लोग धर्मों में तनाव फैला सकते हैं, चाहे अयोध्या मामला हो या कोई और BSP को वोट कर बिहार के तर्ज़ पर भाजपा औरआरएसएस रीढ़ की हड्डी पर चोट पहुँचाई जा सकती है.

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