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कश्मीर ही नहीं यूपी के भी सैन्य ठिकाने आतंकी निशाने पर

 Anurag Tiwari |  2016-10-20 03:39:37.0

Terror Attack, Pathankot, Baramulla, Uri, Surgical Strike, PoKतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. पठानकोट, फिर उड़ी और अब नार्थ इंडिया के सभी कैंटोनमेंट आतंकियों के निशाने पर है. पीओके में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बौखालाए पाकिस्तानी आतंकियों ने पलटवार  करने के लिए भारत के सैन्य ठिकानों की लिस्ट बनाई है, जिनमे नार्थ इंडिया और यूपी के कई मिलिट्री इंस्टालेशन शामिल हैं. इनमें प्रमुख है वाराणसी कैंटोनमेंट है. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में स्थित होने के चलते वाराणसी कैंटोमेंट काफी संवेदनशील है.

होम मिनिस्ट्री को भेजी गयी रिपोर्ट!

सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने एक अलर्ट जारी करते हुए होम मिनिस्ट्री को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसमे खासतौर से नार्थ इंडिया के कैंटोनमेंट एरिया पर आतंकी हमले की संभावना जताई गई है. इस लिस्ट में वाराणसी कैंटोनमेंट का भी जिक्र किया गया है. यहां गोरखा रेजिमेंट स्थित है और सामरिक दृष्टि से काफी  महत्वपूर्ण है. इस रिपोर्ट के अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक के पहले  भारत में घुसपैठ कर चुके जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तोइबा के आतंकी आईएसआई के इशारे पर कभी भी कैंटोनमेंट इलाकों में हमला कर सकते हैं. इसके लिए आतंकी उड़ी और पठानकोट जैसा तरीका अपना सकते है, जिसमे उन्होंने रात के समय पठानकोट में एयरबेस पर और उड़ी में आर्मी कैंप पर हमला किया था.


क्यों संवेदनशील है वाराणसी?



वाराणसी काकैंटोनमेंट इलाके की लोकेशन काफी संवेदनशील है. इसके चारो तरफ भीड़भाड़ वाले इलाके मौजूद है. जिनमे लगातार लोकल सिटीजन्स के साथ-साथ देशी-विदेशी टूरिस्ट्स की मौजूदगी बानी रहती है. साथ ही वाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है. ऐसें कोई भी आतंकी हमला  भारत की  इंटरनेशनल साख को बट्टा लगा सकता है. साथ ही कैंटोनमेंट इलाके से सटी हुई बहती है जिससे हालात पठानकोट और उड़ी जैसे बन सकते हैं.




 नदी के रास्ते घुस सकते हैं कैंट में!


नए साल पर पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में आतंकियों ने रावी नदी से घुसपैठ की थी, इससे पहले 2014 में उड़ी में किए गए हमले में भी आतंकी नदी पार कर आए थे.  हाल  ही में हुए उड़ी हमले में आतंकी एक बार फिर नदी पार कर आए थे. वाराणसी में भी कैंटोनमेंट के ठीक बगल से वरुणा नदी का गुजरना कैंटोनमेंट  सिक्योरिटी को बेहद संवेदनशील बना देते हैं

एसके भगत, आईजी जोन वाराणसी का खाना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जितने भी अलर्ट या इनपुट मिले हैं उनके आधार पर सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है.



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