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आपकी याद आती रही रात भर...

 Vikas Tiwari |  2016-05-29 20:25:49.0

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नई दिल्ली. दिल्ली में रविवार की शाम चर्चित कवि जीशान नियाजी की कविताओं को देश-विदेश में अपनी गजल गायकी से लोकप्रियता प्राप्त कर चुके गजल गायक उस्ताद शकील अहमद ने अपने मनमोहक अंदाज में पेश कर उपस्थित मेहमानों एवं अन्य को मंत्र-मुग्ध करते हुए जमकर वाह-वाही लूटी। यूं तो दोनों ही कलाकारों ने एक के बाद एक अपनी रचनाओं से समां बांधे रखा, लेकिन 'आपकी याद आती रही रात भर, एक कयामत सी ढाती रही रात भर.' और 'वस्ल की शब गुजर ना जाये कहीं, तेरा बीमार मर ना जाये कहीं.', सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।


गैर सरकारी संगठन साक्षी द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गजल संध्या 'बज्म-ए-सुखन' का आयोजन किया गया। रविवार की शाम सजी इस महफिल में जीशान नियाजी की कविताओं को शकील अहमद ने गजल रूप में संजोकर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अवधारणा डॉ. मृदुला टंडन (अध्यक्ष, साक्षी एनजीओ) द्वारा रचित थी, जिसका एक उद्देश्य जनता के बीच में समकालीन गजलों को प्रस्तुत करना था।

जहां जीशान साहब की गजलों में समकालीनता का अहसास था, वहीं पारम्परिक गजल - मननशील, विचारोत्तेजक, रोमांटिक और इन सब से सर्वोपरि आध्यात्मिकता का अहसास भी उनकी शैली में शामिल रहा। इन गजलों को शकील अहमद ने अपनी विविधता, सशक्त कला-कौशल और बेहद शानदार अंदाज ए मौसिकी में मंच पर जीवंत किया।

कार्यक्रम में समकालीन कवि की भाषा की समझ व कलाकार की संवेदनशील कल्पना में गजल का आधुनिक अंदाज देखने-सुनने को मिला। जिसके चलते भाषा व कविताओं का उच्च स्तर व उसमें विचारो का समावेश बेहद खूबसूरत बन पड़ा था।

कार्यक्रम की आयोजक डॉ. मृदुला टंडन ने बताया कि गजल संगीत का एक असीम अंग है। यह आधुनिक समय में वह खूबसूरत व ²ढ़ अहसास है जो युवाओं की भावनाओं व आकांक्षाओं को आवाज देने का प्रासंगिकता देने में सक्षम है। अपने कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह एक और उत्कृष्ट प्रदर्शन है जो भारतीय साहित्य और संगीत को बढ़ावा देता है, साथ ही आवाम को सशक्त व उच्च स्तरीय कलाकारों से रूबरू कराने में मदद करता है।

अपने प्रस्तुतीकरण व कार्यक्रम के विषय में जीशान नियाजी साहब ने बताया, "आज कल के माहौल व भाग-दौड़ भरी जिंदगी में मौसिकी ऐसी चीज है जिसके माध्यम में व्यक्ति को सुकून मिलता है। गजल इसके लिए एक बहुत ही खूबसूरत माध्यम है और मैंने यह कोशिश की है कि आसान लफ्जों में अपनी बात की जाए, जिससे कि सभी की समझ में यह आसानी से आ जाए।"

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