Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

मोदी मंत्रिमंडल ने ऑफिस रेनोवेशन पर दो साल में खर्च किए 3.5 करोड़

 Anurag Tiwari |  2016-09-06 03:43:32.0

 प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी , दफ्तर , ऑफिस रेनोवेशन, 3.5 करोड़ , कैबिनेट फेरबदल, फर्नीचर

तहलका न्यूज डेस्क

नई दिल्ली.  प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी भले ही सरकारी कामकाज पर होने वाले खर्च में कटौती की बात करते हों, लेकिन उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी ठीक इसके उलट काम कर रहे हैं. एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि पाएम मोदी के शपथ लेने के बाद से पिछले दो सालों में ही मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने अपने ऑफिस के रेनोवेशन पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं. हालाँकि इस लिस्ट में कुछ ऐसे भी मंत्री हैं, जिन्होंने अपने ऑफिस पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया है.

अंग्रेजी अखबार इकनोमिक टाइम्स के अनुसार मोदी मंत्रिमंडल के 23 मंत्रियों ने पहले दो सालों में ऑफिस रेनोवेशन पर करीब 3.5 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं. आरटीआई के जरिए मिली लिस्ट में वे मंत्री भी शामिल हैं जिनके विभाग में या तो फेरबदल कर दी गई है आया उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. आरटीआई में खुलासा हुआ है कि ऑफिस इंप्रूवमेंट के नाम पर होने वाले खर्च में प्रीमियम वॉश बेसिन, डिजाइनर ग्लास पार्टिशन और वुडेन फ्लोरिंग तक का खर्च शामिल है.


ऑफिस रेनोवेशन के नाम पर एक भी पैसा खर्च न करने वालों में अरुण जेटली,  राजनाथ सिंह,  सुषमा स्वराज और मनोहर पर्रिकर के नाम शामिल हैं. आरटीआई में जिन 23 मंत्रियों के खर्च की लिस्ट मिली है उनमें स्मृति ईरानी, चौधरी वीरेंद्र सिंह, राज्यवर्द्धन राठौड़, जगत प्रकाश नड्डा, सांवरलाल जाट, जितेंद्र सिंह, उपेंद्र कुशवाहा और राम शंकर कठेरिया के नाम भी शामिल हैं.

आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक़ स्मृति ईरानी के एचआरडी मिनिस्टर रहते तो उनके और दो जूनियर मंत्रियों के ऑफिस रेनोवेशन पर ही कुल 1.16 करोड़ रुपयों का खर्च आया. इसमें से केवल स्मृति ईरानी के ऑफिस के लिए ही करीब 70 लाख लगाए गए. जबकि उनके मंत्रालय के दो राज्य मंत्रियों के ऑफिस पर लगभग 40 लाख रुपए ला खर्च आया. स्मृति इरानी के मंत्रालय में हुए खर्च का बड़ा हिस्सा नए कांफ्रेंस रूम के बनाने पर आया. आरटीआई में इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया कि आखिर एचआरडी मिनिस्ट्री में पहले भी जूनियर मंत्री रहे हैं, तो ऐसे में जूनियर मंत्रियों के लिए नए दफ्तर क्यों बनाने पड़े?

रूरल डिवेलपमेंट मिनिस्टर रहे चौधरी वीरेंद्र सिंह के ऑफिस में फ्लोरिंग और सीलिंग पर करीब 70 लाख रुपए.   जबकि सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राठौड़, रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर और खान राज्य मंत्री विष्णु देव ने ऑफिस रेनोवेशन पर खर्च किया, लेकिन उनके सीनियर मंत्रियों ने ऐसा नहीं किया.



हेल्थ मिनिस्टर जे पी नड्डा के मंत्रालय ने कुल 22.37 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें से मॉड्युलर फर्नीचर के लिए लगभग आधी रकम 10.60 लाख लगाए गए।  अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रही नजमा हेपतुल्ला के जूनियर मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने करीब 14 लाख रुपए खर्च किए। इस खर्च में केवल 7000 रुपए की डस्टबिन ही लगा दी गईं. इस मामले में नकवी का कहना है कि उन्हें खर्च के डिटेल्स पता नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने मंत्रालय संभाला था तो उनके ऑफिस की हालत बहुत जयादा खराब थी.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top