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कैबिनेट विस्तार: यूपी के 3 मंत्रियों को मिली जगह, PM मोदी ने ब्राह्मण-दलित वोट बैंक में लगाई सेंध

 Anurag Tiwari |  2016-07-05 06:37:21.0

Modi_Cabinetतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. पीएम मोदी भले ही यूपी चुनाव से कैबिनेट विस्तार को नहीं जोड़ रहे हैं, लेकिन कैबिनेट विस्तार में यूपी को जितना हिस्सा मिला है उसे देखकर कुछ तो लोग कहेंगे। अब तक यही कहा जाता रहा है कि दिल्ली की गद्दी का रास्ता यूपी से होकर जाता है। ये हकीकत एक बार फिर से साबित हो गई है।


वाराणसी से सांसद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और उनके अलावा 11 और मंत्री यूपी से हैं। अब यूपी के तीन और सांसदों को मंत्री बनाया गया है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी यूपी का समीकरण बनाने में जुटी है। इसी को देखते हुए नए चेहरों को शामिल किया गया है। खास बात ये है कि नए मंत्री बनाने के पीछे मकसद जातीय समीकरण को साधना ज्यादा दिख रहा है।


mahendra_nath_pandeyब्राह्मण जाति के लिए महेंद्र नाथ पांडेय
नए चेहरों में सबसे पहला नाम है ब्राह्मण जाति के महेंद्र नाथ पांडेय का है। पांडेय उस चंदौली सीट से सांसद हैं जो पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटा होने के साथ ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह का गृह जिला भी है। यूपी में ब्राह्मण करीब 10 फीसदी हैं। अभी इस जाति के कलराज मिश्र और महेश शर्मा यूपी से मंत्री हैं।


बताया जा रहा है कि इस बार 75 की उम्र को पार कर चुके जिन मंत्रियों की छुट्टी होनी है उनमें कलराज मिश्र का भी नाम है। इसलिए उनकी भरपाई के लिए पूर्वांचल से ही आने वाले ब्राह्मण जाति के पांडेय को मौका मिल रहा है।


anupriya_patelपटेल वोट के लिए अनुप्रिया पटेल


यूपी से जिस दूसरे नाम की चर्चा हो रही है वो है अनुप्रिया पटेल के नाम की। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बगल की मिर्जापुर सीट से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल कुर्मी जाति से आती हैं। पिछडी जातियों में यादवों के बाद सबसे बड़ी आबादी कुर्मी जाति की है। यूपी में कुर्मी करीब साढ़े सात फीसदी हैं। पूर्वांचल में कुर्मी करीब हर सीट पर हार जीत को प्रभावित करने की ताकत रखता है। अभी इस समाज से सिर्फ संतोष गंगवार केंद्र में मंत्री हैं। कुर्मी समाज के बड़े नेता रहे सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया को मंत्री बनाने के पीछे समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के सामाजिक कद को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव में कुर्मी समाज ने बीजेपी का खुलकर साथ दिया था। अनुप्रिया बीजेपी में अपना दल का विलय कराने को तैयार हैं, लेकिन मां कृष्णा पटेल के विरोध की वजह से ये हो नहीं पा रहा है।


krishna_rajकृष्णा राज के जरिए दलितों में सेंध
कृष्णा राज शाहजहांपुर से सांसद हैं और दलित समुदाय से आती हैं। असल में दलितों में सबसे मजबूत जाति जाटव है जिस पर मायावती की पकड़ है। जाटव के बाद पासी का नंबर आता है। जिसकी आबादी करीब 3 से 4 फीसदी है। पासी वोट बैंक मायावती के पास आता-जाता रहा है। हाल ही में इस बिरादरी के बड़े नेता आरके चौधरी ने मायावती का साथ छोड़ दिया है। बीजेपी के करीब दलितों का कोई वोट बैंक जा सकता है तो वो इसी समुदाय का है। ऐसे में यदि कलराज मिश्र और शिक्षा राज्यमंत्री रमाशंकर कठेरिया की कुर्सी चली जाती है तो फिर इन तीन नए चेहरों के साथ पीएम सहित यूपी से कुल 13 मंत्री हो जाएंगे। इनके अलावा रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी यूपी से ही राज्यसभा सांसद हैं, यानी यूपी चुनाव के लिए बीजेपी ने जातीय जोड़ तोड़ का पुख्ता प्लान तैयार कर लिया है।

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