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सियासत की नयी लकीर खींचते मोहम्मद एबाद

 Vikas Tiwari |  2016-09-23 15:51:16.0

मोहम्मद एबाद

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ: सियासत के बारे में आम नागरिक की अमूमन नकारात्मक ही होती है लेकिन कभी-कभी कुछ वाकिये नयी लकीर खींच देते है। कुछ ऐसा ही मौका तहजीब के शहर लखनऊ में भी पेश आया जिसने सियासत के बारे में कायम आम नजरिये को गलत बताते हुए एक नया दृष्टिकोण कायम कर दिया।

मामला लखनऊ के दिल हज़रतगंज के दैनिक जागरण चौराहे का है जहाँ एक बुजुर्ग दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो गये। बूढ़ा शरीर, चोट का दर्द, मदद के लिए चारो ओर निहारती बेबस डबडबाई दर्दमंद आँखे बुजुर्ग का सारा हाल बयान कर रहीं थी।


लेकिन साढ़े चार सालों के बाद भी पत्थर का कुछ असर तो बाकी ही है।

लोग तमाशबीन बने रहे मददगार नहीं। ऐसे में ही खुद को समाजवादी कहने वाले नौजवान मोहम्मद एबाद अपने कुछ साथियो के साथ उस तमाशबीन भीड़ को चीरते हुए घायल बुजुर्ग के पास पहुंचे।

तुरंत ही अपनी निजी वाहन से घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए निकट के सिविल अस्पताल भेजा। पूछने पर नौजवान मोहम्मद एबाद ने बताया की मेरा किरदार समाजवादी संस्कारो में ढला है मेरे लिए सियासत प्रोफेशन नहीं मिशन है, और यही समाजवाद है।

मोहम्मद एबाद जैसे सियासत में आये नौजवान एक नयी लकीर खींच रहे हैं जो निश्चित रूप से एक नए समाज के निर्माण का संकेत दे रही है।

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