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गठबंधन हुआ तो डिंपल-प्रियंका के साथ दिखेगी ये खूबसूरत बहू

 Utkarsh Sinha |  2017-01-16 06:49:37.0

गठबंधन हुआ तो डिंपल-प्रियंका के साथ दिखेगी ये खूबसूरत बहू

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. मिशन 2017 के फतह के लिए अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन तय माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि गठबंधन के पेंच सुलझ चुके हैं और महज औपचारिक घोषणा ही बाकी है. यह भी माना जा रहा है कि गठबंधन की घोषणा के बाद अखिलेश यादव की संसद पत्नी डिम्पल यादव और प्रियंका गाँधी एक साथ बहु बेटी के रूप में कैम्पेन कर सकती है.

इन जोड़ी को सियासी घराने की एक और खुबसूरत बहु का साथ मिलने की पूरी उम्मीद है और यह जोड़ी अब तिकड़ी में बदलने वाली है. इस तिकड़ी का चेहरा बनेगी रालोद मुखिया चौधरी अजीत सिंह की बहु और जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी.

रालोद सूत्रों के अनुसार चारू चौधरी सक्रिय राजनीति में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस बार वे मथुरा की जाट बहुल "माँट" सीट से विधान सभा का चुनाव लड़ेंगी. इस सिलसिले में तैयारिया पूरी हो चुकी हैं. इस सीट पर पहले चरण में मतदान होना है. इसके बाद चारू भी गठबंधन स्टार प्रचारक के रूप में दूसरे इलाकों में दिखाई देंगी.

चारू को पार्टी में मुख्य भूमिका देने की मांग रालोद में तेज हो गयी है. पार्टी की लगातार कमजोर होती हालत के बीच कार्यकर्त्ता अब चारू को मैदान में लाने की बात कर रहे हैं. उन्हें हेमा मालिनी के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है. बीते लोकसभा चुनावो में हेमा मालिनी ने ही जयंत चौधरी को हराया था.

डिंपल ,प्रियंका, चारू की तिकड़ी के एक साथ चुनाव अभियान में उतारने से समाजवादी पार्टी के खिलाफ भाजपा के उस प्रचार अभियान की हवा निकालने की कोशिश होगी जिसमे भाजपा लगातार महिलाओं की सुरक्षा को एक बड़ा मुदद बनाने की कोशिश करती रही है. इसके साथ ही प्रदेश में बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाताओं का रुझान भी गठबंधन की और बढेगा.

अगर यह तिकड़ी मौदान में पूरे जोर से उतरती है तो भाजपा के लिए मुश्किल भी होगी. फिलहाल स्मृति इरानी, हेमा मालिनी और स्वाति सिंह के अलावा भाजपा के पास कोई बड़ा महिला चेहरा नहीं है. रोहित वेमुला काण्ड के बाद स्मृति इरानी विवादस्पद हुयी थी और उनके प्रति छात्र नौजवानों का विरोध भी बहुत है.हेमा मालिनी का जादू भी उतार पर है और बतौर सांसद उनकी निष्क्रियता भी आलोचना के केंद्र में रही है.

भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पहले मायावती पर टिप्पणी और उसके बाद उनकी पत्नी स्वाति सिंह का अपने परिवार की महिलाओं के लिए मैदान में उतरना यूपी की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया था. दयाशंकर सिंह को पार्टी ने किनारे कर दिया मगर स्वाति सिंह को हांथो हाँथ लिया और महिला शाखा का अध्यक्ष बना दिया. स्वाति को चुनावो के लिए बनी समिति में भी जगह मिली, मगर स्वाति के भीतर राजनितिक आग नहीं दिखाई दे रही. यह कहना बहुत मुश्किल है कि स्वाति सिंह चुनावी मैदान में एक स्टार की तरह उभरेंगी.

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Utkarsh Sinha ( 394 )

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