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भारत के लिए गर्व का दिन, एक साथ 104 उपग्रह भेजकर इसरो ने रचा इतिहास

 Abhishek Tripathi |  2017-02-15 04:55:30.0

भारत के लिए गर्व का दिन, एक साथ 104 उपग्रह भेजकर इसरो ने रचा इतिहास

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
श्रीहरिकोटा. भारत के लिए बुधवार का दिन हमेशा यादगार रहेगा। आज इसरो ने अंतरिक्ष में अब तक की सबसे लंबी उड़ान भरी। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन लॉन्चिंग सेंटर से पीएसएलवी-सी37 लॉन्च किया गया। 9 बजकर 28 मिनट पर 104 सैटेलाइट्स का प्रक्षेपण हुआ। 10:02 मिनट पर इसरो की ओर से इस मिशन के कामयाब होने का ऐलान किया गया। ये पहला मौका है जब एक साथ 104 उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़े गए। इनमें अमेरिका के अलावा इजरायल, हॉलैंड, यूएई, स्विट्जरलैंड और कजाकिस्तान के छोटे आकार के सैटेलाइट शामिल हैं. भारत के सिर्फ तीन सैटेलाइट शामिल हैं।

इन देशों के उपग्रह शामिल
मिशन के लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने एक्सएल वैरियंट का इस्तेमाल किया है जो सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। बता दें कि, इस रॉकेट का इस्तेमाल चंद्रयान और मंगलयान जैसी अहम मिशन के लिए किया जा चुका है। प्रक्षेपित किए जाने वाले उपग्रहों में सबसे ज्यादा 96 उपग्रह अमेरिका के हैं।

भारत के दो छोटे उपग्रह शामिल
मिशन में भारत के दो छोटे उपग्रह भी शामिल हैं। प्रक्षेपित किए जाने वाले सभी उपग्रहों का कुल वजन करीब 1378 किलोग्राम है। दोनों भारतीय नैनो-सेटेलाइट आईएनएस-1ए और आईएनएस-1बी को पीएसएलवी पर बड़े उपग्रहों का साथ देने के लिए विकसित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की नैनो-सेटेलाइटों का प्रक्षेपण इसरो की व्यावसायिक शाखा एंट्रिक्स कॉपरेरेशन लिमिटेड की व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। काटरेसेट-2 सीरीज के मिशन का समय पांच साल का है।

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Abhishek Tripathi ( 2165 )

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