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दुबई में लहराया पन्द्रहवीं बार भारतीय तिरंगा

 shabahat |  2017-01-27 12:29:29.0

दुबई में लहराया पन्द्रहवीं  बार भारतीय तिरंगा


पत्रकारिता के क्षेत्र में हेमंत तिवारी और राजेश रैना का हुआ सम्मान

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. दुबई की सरज़मीन पर इस 26 जनवरी को पंद्रहवीं बार भारतीय तिरंगा लहराया तो माहौल देखने लायक था. लन्दन में रहने वाले हिन्दुस्तानी भी हालाँकि हर साल रिपब्लिक डे पर इंडिया डे परेड का आयोजन करते हैं लेकिन दुबई में जिस अंदाज़ में पिछले 14 साल से इंडिया का रिपब्लिक डे सेलिब्रेट किया जा रहा है वैसा कहीं दूसरी जगह कभी नहीं होता है.



इस बार 26 जनवरी को दुबई में भारतीय गणतंत्र दिवस को शानदार तरीके से मनाया गया. उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता और अनवर जलालपुरी के संचालन में कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया. इसमें कराची के डॉ. पीरज़ादा कासिम, भोपाल उर्दू अकादमी की सचिव डॉ. नुसरत मेहदी, लखनऊ के व्यंग्यकार डॉ. सर्वेश अस्थाना, अना देहलवी, राही बस्तवी, सागर त्रिपाठी, अल्तमश अब्बास, क़तर से अतीक, ममता शर्मा, डॉ. कलीम कैसर, दिल्ली उर्दू अकादमी के चेयरमैन डॉ. माजिद देवबंदी और शहजाद अहमद ने अपनी शानदार रचनाओं से रात भर समां बांधे रखा. इस शानदार कार्यक्रम में
सबसे खास बात यह रही कि जब भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस
शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नेहयान दिल्ली में मुख्य अतिथि के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी जम्हूरियत का जश्न देख रहे थे तो यहां उनके मुल्क में कई देशों के लोग यह उत्सव मना रहे थे.


दुबई में गणतंत्र दिवस के मौके पर सजाई गई इस शानदार शाम में हिन्दुस्तान से सियासत और सहाफत की नामचीन हस्तियाँ भी आमंत्रित की गई थीं. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला, कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री रौशन बेग, इन्डियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट के उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी और ईटीवी के राजेश रैना की भी इस कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपस्थिति थी. हेमंत तिवारी और राजेश रैना को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिये दुबई में सम्मानित किया गया.



किछौछा शरीफ के रहने वाले सैयद सलाहुद्दीन की कोशिशों से दुबई में इंडिया रिपब्लिक डे को बतौर फेस्टिवल शामिल किया गया है. दुबई के फेस्टिवल कैलेण्डर में भी इसे हर साल दर्ज किया जाता है.

सैयद सलाहुद्दीन ने बताया कि दुबई में रहते हुए उन्हें इस बात की बड़ी तकलीफ होती थी कि 26 जनवरी का दिन उन्हें सन्नाटे में गुज़ारना पड़ता था और अपना सबसे बड़ा त्यौहार वह चाहकर भी सेलीब्रेट नहीं कर पाते थे. उनकी दिली तमन्ना थी कि 26 जनवरी के दिन परदेस में भी अन्य भारतीयों के साथ वह तिरंगा फहराएं और अपने गणतंत्र दिवस को सेलीब्रेट करें. 2002 में वह दुबई स्थित भारतीय दूतावास गए और भारत के राजदूत के.सी.सिंह से मुलाक़ात की और उनसे कहा कि भारत से बाहर जाने पर सबसे पहले हमारी राष्ट्रीयता पूछी जाती है. कोई हमारा मज़हब नहीं पूछता है. ऐसे में हमें भारत से बाहर भी तो अपना सबसे बड़ा त्यौहार रिपब्लिक डे मनाने का हक मिलना चाहिए. भारतीय राजदूत ने यह कहकर मना कर दिया कि वह दूसरे देश में कोई नई परम्परा नहीं शुरू कर सकते.



कुछ दिन बाद सैयद सलाहुद्दीन दोबारा इसी पेशकश के साथ भारतीय दूतावास गए और निराश होकर लौटे. तीसरी बार फिर उन्होंने भारतीय दूतावास का दरवाज़ा खटखटाया तो भारत के राजदूत के.सी.सिंह ने उनसे पूरा डीटेल प्रोग्राम पूछा. इस बातचीत में राजदूत भी इस कार्यक्रम के पक्ष में हो गए. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की इजाज़त लेने के लिए वह बादशाह से बात करेंगे. भारतीय राजदूत ने बादशाह से बात की तो इस प्रोग्राम की इजाज़त मिल गई और दुबई की सरज़मीन पर जश्न-ए-हिन्दुस्तान की शुरुआत हुई.



26 जनवरी 2003 को पहली बार दुबई में भारत का सबसे बड़ा त्यौहार इंडियन रिपब्लिक डे का आयोजन किया गया. 26 जनवरी के बाद जो पहला ब्रहस्पतिवार (जुमेरात) पड़ता है उस दिन इंडिया रिपब्लिक डे मनाया जाता है. यह दिन इसलिये तय किया गया क्योंकि कार्यक्रम रात भर चलता है और अगले दिन छुट्टी होती है. दुबई में शुक्रवार छुट्टी का दिन है.

इंडिया रिपब्लिक डे पर कवि सम्मेलन और मुशायरा साथ-साथ आयोजित किया जाता है. अब तक हिंदुस्तान के इलावा, अमरीका, जर्मनी, जापान ,ओमान, दोहा क़तर और पाकिस्तान से अब तक करीब 200 नामवर शोअरा इसमें शरीक हो चुके हैं. हिन्दुस्तान के सभी नामवर शायर और कवि इसमें शिरकत कर चुके हैं. इण्डिया के कई मंत्री भी इसमें शिरकत के लिए जाते हैं.



वसीम बरेलवी, मंज़र भोपाली, मुनव्वर राना, अनवर जलालपुरी, डॉ. कलीम कैसर, माजिद देवबंदी, नवाज़ देवबंदी, राहत इन्दौरी, अंजुम रहबर, संतोष आनंद, डॉ. कुमार विश्वास, लता हया समेत सभी नामवर शायर और कवि इसमें शिरकत कर चुके हैं. एम.एफ. हुसैन, फारुक शेख और जस्टिस कुद्दूसी भी दुबई में इण्डिया रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन में शामिल हुए, राजनेताओं में श्रीप्रकाश जायसवाल, एम.एफ. फातमी, प्रमोद तिवारी, निर्मल खत्री और जगदम्बिका पाल भी इसमें शामिल होने दुबई गये. हिन्दुस्तान के मशहूर शायर डॉ. कलीम कैसर ने बताया कि दुबई में हर साल 26 जनवरी को होने वाले हिन्दी और उर्दू के इस संगम को दुबई में भारत उत्सव के नाम से जाना जाता है. भारतीय संविधान के सम्मान का प्रतीक बन गया है यह उत्सव.

सैयद सलाहुद्दीन ने बताया कि राष्ट्रगान से शुरू होने वाले इंडिया रिपब्लिक डे की अब दुबई में इतनी धूम हो चुकी है कि दुबई फेस्टिवल की बुक में भी इसे दर्ज किया जाता है. दुबई के इंडिया हाई स्कूल में होने वाले इंडिया रिपब्लिक डे की धूम अब दुबई की सरहदों से निकलकर दुनिया के तमाम देशों तक पहुँच चुकी है. अमरीका, मस्कट, दोहा, सऊदी अरब, बहरीन और इण्डिया से बड़ी तादाद में लोग कवि सम्मेलन और मुशायरा सुनने आते हैं. दो साल से पकिस्तान के एक शायर को भी बुलाया जाने लगा है.

सैयद सलाहुद्दीन ने बताया कि 2014 में इंडिया रिपब्लिक डे से ठीक पहले उनकी माँ का इंतकाल हो गया. आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि इस कार्यक्रम को इस बार स्थगित कर दिया जाए या फिर थोड़ा आगे बढ़ा दिया जाये, लेकिन मैंने कहा कि यह देश का कार्यक्रम है और बड़ी जद्दोजहद के बाद शुरू हो पाया है लिहाज़ा इसे अपने समय पर ही किया जाएगा.

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