Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

#UPElection2017 काम कर गया जातीय गणित के साथ हिंदुत्व का तड़का

 Utkarsh Sinha |  2017-03-11 06:38:22.0

#UPElection2017   काम कर गया जातीय गणित के साथ हिंदुत्व का तड़का

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावो के नतीजे इस बात के इशारे कर रहे हैं कि अखिलेश यादव के काम बोलता है नारे पर जातीय गोलबंदी के साथ हिंदुत्व का तडका भारी पड़ गया. 2014 के लोकसभा चुनावो में पिछड़ी और दलित जातियों का जो समर्थन मोदी को मिला था वह इस बार और ज्यादा बढ़ा.

भाजपा ने अपनी रणनीति शुरू से ही साफ़ रखी थी और यादव को अलग रख कर अन्य पिछड़ी जातियों की गोलबंदी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. केशव मौर्या को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सौपने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या सरीखे बसपा नेता को भाजपा में लिया तो अनुप्रिया पटेल और ओम प्रकाश राजभर के जरिये दो बड़े जातीय समूहों में अपनी पकड़ मजबूत की. इसी तरह दलित जातियों में मायावती के मजबूत किले में भाजपा ने बीते दो चुनावो में लगादी सेंध लगायी है. इसके लिए कौशल किशोर सरीखे नेताओं ने बड़ी भूमिका निभाई.

चुनावो के दौरान भाजपा ने इस जातीय समीकरण में हिंदुत्व का रंग भरना शुरू किया और पहले ही चरण में हिन्दूवादी नेता योगी आदित्यनाथ को प्रचार में उतार दिया. दंगो की आग में झुलस चुके पश्चिमी यूपी में योगी ने खूब सभाएं की और हिन्दू भावना का उभार किया. इसके बाद तीसरे चरण के समय खुद नरेन्द्र मोदी ने शमशान बनाम कब्रिस्तान का मुद्दा उठाया. मोदी के इस जुमले की मार बहुत लम्बी गयी और इसके बाद ही जातीय गोलबंदी सांप्रदायिक ध्रुवीकारन में बदल गयी. विकास के मुद्दे कही पीछे छूटे और हिन्दू ह्रदय सम्राट की मोदी की छवि ने बाकी का काम कर दिया.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top