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Exclusive: मनोज सिन्हा के बारे में जानें ये अहम बातें, CM रेस में सबसे आगे

 Avinash |  2017-03-17 15:51:49.0

Exclusive: मनोज सिन्हा के बारे में जानें ये अहम बातें, CM रेस में सबसे आगे

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. बीजेपी ने अभी तक यूपी के सीएम चेहरे पर मुहर नहीं लगाई है. दावेदारी में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रेलवे राज्‍य मंत्री मनोज सिन्‍हा का नाम ज्‍यादा चर्चा में हैं. हालांकि रेस में मनोज सिन्‍हा आगे हैं और उनके नाम पर मुहर लगना अब फॉरमिलिटी भर रह गई है. गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्‍हा का नाम बीजेपी के बाहर और अंदर के लोगों के लिए भी कुछ हद तक चौंकाने वाला है. कभी विधानसभा इलेक्‍शन नहीं लड़ने वाले और कैमरे से ज्‍यादा काम पर फोकस करने वाले मनोज सिन्‍हा यदि यूपी के सीएम बनते हैं, तो उनकी इस दावेदारी के पीछे कई खासियतें हैं. जो उन्‍हें बीजेपी सरकार का सबसे अलग मंत्री और नेता बनाती हैं.

[1] 1982 में 23 साल की उम्र में बीएचयू के प्रेसिडेंट का इलेक्‍शन जीतकर एक्‍टिव पॉलिटिक्‍स में उतरने वाले मनोज सिन्‍हा इस समय रेलवे में मिनिस्‍टर ऑफ स्‍टेट हैं. मनोज सिन्‍हा की सबसे बड़ी ताकत उनकी मिस्‍टर क्‍लिन की इमेज है. उन पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा है. भ्रष्‍टाचार मुक्‍त छवि होना उनकी सीएम की दावेदारी को बहुत ही मजबूत बनाता है. उनकी क्‍लीन इमेज और अविवादित छवि उन्‍हें पार्टी प्रेसिडेंट अमित शाह और पीएम मोदी का प्रिय बनाती है.
मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई, 1959 को मोहनपुरा, गाजीपुर, भारत में हुआ।

[2] उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी से बी.टेक और एम.टेक की उपाधियां प्राप्त कीं। मनोज सिन्हा ने रेलवे के नए राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश से संसद (लोक सभा) के सदस्य हैं। सिन्हा ने वर्ष 1982 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी से सिविल इंजीनियरिंग में एम.टेक किया है। वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष थे। वर्ष 1989-96 के मध्य में वे राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। वर्ष 1996 में वे 11वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए तथा वर्ष 1999 में उन्हें पुन: 13वीं लोक सभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। 1999 से 2000 के मध्य वे योजना तथा वास्तुशिल्प विद्यापीठ की महापरिषद के सदस्य रहे तथा शासकीय आश्वासन समिति तथा ऊर्जा समिति के सदस्य भी रहे। वर्ष 2014 में वे 16 वीं लोक सभा (तीसरा सत्र) के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं।

[3] मनोज सिन्‍हा गाजीपुर से सांसद हैं. वे अपने संसदीय क्षेत्र में बेहद सक्रिय रहते हैं. लोगों से उनका सीधा जुड़ाव उन्‍हें एक बेहतरीन जमीनी नेता बनाता है. छुट्टी के दिन भी वे जनता दरबार लगाते हैं, और लोगों को बुलाकर उनकी समस्‍याएं सुनते हैं, और समाधान करते हैं. लगातार एक्‍टिव रहने और काम करते हुए सीखने का मिजाज उन्‍हें बहुत ही अलग बनाता है. रेलवे में बतौर राज्‍य मंत्री उन्‍होंने सुरेश प्रभु के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया. विशेष रूप से जब प्रभु रेलवे को टेक्‍नॉलॉजी से जोड़ने का काम कर रहे थे, तब मनोज सिन्‍हा ने रेलवे के रूटीन कामकाज को बहुत ही शानदार तरीके से हेंडल किया. उनकी विनम्र और हार्डवर्किंग पर्सनाल्‍टी के चलते पीएम नरेंद्र मोदी उन्‍हें बहुत पसंद करते हैं, तो दूसरी ओर अमित शाह के नजदीकी माने जाते हैं. जबकि तीसरी ओर राजनाथ सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं.

मनोज सिन्‍हा अजातशत्रु कहे जाते हैं. पॉलिटिक्‍स में ऐसे नेता विरले होते हैं. ना पार्टी के भीतर उनका कोई दुश्‍मन हैं ना बाहर. पूरी पार्टी में सबसे दोस्‍ताना रिलेशन उनकी बड़ी ताकत है. काम के प्रति उनका समर्पण, मिलनसार स्‍वभाव और विनम्रता उन्‍हें सबके बीच लोकप्रिय बनाती है. बीजेपी की टॉप और इंटरनल लीडरशिप में उनके प्रति जबर्दस्‍त कॉन्‍फिडेंस है.

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Avinash ( 3157 )

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