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मैथ्यू ने सोचा कि कोर्ट मार्शल से बेहतर तो मौत है और फिर...

 shabahat |  2017-03-04 13:32:24.0

मैथ्यू ने सोचा कि कोर्ट मार्शल से बेहतर तो मौत है और फिर...


नई दिल्ली. महाराष्ट्र के देवलाली आर्मी कैन्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई गनर रॉय मैथ्यू की मौत के बाद नासिक पुलिस को जवान का सुसाइड नोट और उनकी डायरी मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जवान रॉय मैथ्यू की हत्या नहीं हुई थी. उन्होंने अपनी मर्जी से अपनी ज़िन्दगी को खत्म किया था. दरअसल अपना एक वीडियो वायरल होने के बाद से रॉय मैथ्यू बहुत परेशान थे और उन्हें उम्मीद थी कि उनका कोर्ट मार्शल हो सकता है. मैथ्यू ने महसूस किया कि कोर्ट मार्शल से बेहतर तो खुद ही मर जाना है.

रॉय मैथ्यू ने अपनी पत्नी, अपने परिवार, अपने अधिकारियों और अपने सहयोगियों से माफी मांगते हुए लिखा कि उनके साथ धोखा हुआ. उन्हें बताये बगैर उनका वीडियो बनाकर वायरल किया गया. इस स्टिंग ने मेरी ज़िन्दगी को दूभर बना दिया है. मैं जानता हूँ कि इस वीडियो की सज़ा उन्हें भुगतनी ही होगी. बहुत संभव है कि मेरा कोर्ट मार्शल हो जाये. मैं मौत को कोर्ट मार्शल से बेहतर मानता हूँ. इसलिये मौत को गले लगा रहा हूँ.

पिछले महीने रॉय मैथ्यू का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में आर्मी सिस्टम पर सवाल उठाये गए थे. बताया गया था कि आर्मी में सहायकों को अफसरों के कुत्ते घुमाने पड़ते हैं. यह वीडियो एक स्टिंग आपरेशन का नतीजा था. जब मैथ्यू ने आर्मी के सिस्टम पर सवाल उठाये थे तब उसे यह पता नहीं था कि वह जो बता रहा है वह उसका स्टिंग है और यह स्टिंग उसकी ज़िन्दगी को दूभर बना देगा. यह वीडियो वायरल होने के बाद आर्मी के अंदरूनी हालात पर चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया. रॉय मैथ्यू पर भी विभागीय दबाव बढ़ गया. वह बहुत दिनों तक दबाव नहीं झेल पाए और आत्महत्या कर ली. आत्महत्या के बाद भी जब तक लोगों को जानकारी हुई तब तक उनका शव सड गया था. पोस्टमार्टम के बाद आर्मी के अफसर उनकी डेडबाडी लेकर तिरुअनंतपुरम पहुंचे तो फैमिली ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बॉडी लेने से इनकार कर दिया. परिवार की मांग पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. रॉय मैथ्यू की लाश बैरक के एक कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी.

रॉय मैथ्यू का शव जिस स्थिति में परिवार के पास ले जाया गया उसे पहचान पाना भी मुश्किल था. वह इस बुरी तरह से सड गया था कि आर्मी अफसरों ने उनकी पत्नी फ़िनी रॉय को उनका चेहरा भी नहीं देखने दिया. फ़िनी का इल्जाम है कि उनके पति के पैरों में चोट के गहरे निशान थे. जिस तरह से मारपीट के बाद खून जम जाता है वैसा ही उनके पैरों पर दिख रहा था. पत्नी ने कहा कि मुझे हर हाल में इन्साफ चाहिए है.

फ़िनी ने कोल्लम के पुलिस अधीक्षक एस. सुरेंद्रन और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से अपने पति की संदिग्ध मौत की जांच के लिए शिकायत की थी. उन्होंने उनका दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की. पुलिस ने अफसरों के निगरानी में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में फिर से पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है. पुलिस ने आर्मी यूनिट के जवानों से भी घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की है. अब उस पत्रकार से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है जिसने यह स्टिंग किया था.

रॉय मैथ्यू केरल के कोल्लम जिले के रहने वाले थे. वह सिर्फ 33 साल के थे. सेना में वह 13 साल पहले आये थे. नासिक में 214 रॉकेट रेजीमेंट में बतौर गनर वह तैनात थे.
फिनी के अनुसार मैथ्यू ने उन्हें 25 फरवरी को फोन किया था. तब वह रो रहे थे. इस बात से बहुत परेशान थे कि न्यूज चैनलों ने उनकी तस्वीरें दिखा दी हैं. उन्होंने जान का खतरा भी बताया था. पत्नी ने उन्हें दोबारा फोन किया लेकिन वह स्विच ऑफ था. फ़िनी के अनुसार मैथ्यू ने एक पत्रकार को सहायकों की तकलीफें बताई थीं. पत्रकार ने भरोसे में लेकर बात की और धोखे से इंटरव्यू रिकार्ड कर उसे प्रसारित कर दिया.

उधर आर्मी ने कहा है कि रॉय मैथ्यू ने अपने वरिष्ठों को नीचा दिखाने के लिये जो किया उसका पछतावा होने पर यह कदम उठाया होगा. आर्मी ने कहा है कि वीडियो में क्योंकि मैथ्यू ने किसी का नाम नहीं लिया था इसलिए उनके खिलाफ किसी कार्रवाई का सवाल ही नहीं था.

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shabahat ( 2177 )

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