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राम लहर से ज्यादा भारी मोदी लहर

 shabahat |  2017-03-11 06:31:54.0

राम लहर से ज्यादा भारी मोदी लहर


शबाहत हुसैन विजेता

लखनऊ. मोदी लहर राम लहर पर भारी पड़ी है. भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है. एक बार फिर यह साबित हुआ है कि जनता ही जनार्दन है. जनता ने नारों को नकार दिया, गठबंधन को नकार दिया, मिलीजुली सरकारों और जोड़तोड़ की राजनीति को नकार दिया. धर्म और जाति की राजनीति को नकार दिया. लाक ईवीएम का ताला खुला तो यह बात साफ़ हो गई कि देश के नागरिकों को वोट बैंक के रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता.

न धर्म गुरुओं की अपीलें काम आयीं. न जातीय गणित के हिसाब से प्रत्याशी तय करने की नीति काम आयी. जनता ने स्पष्ट किया कि आख़री फैसला उसी का होता है. पाँचों राज्यों में जनता ने बता दिया कि वह जोड़तोड़ की राजनीति करने वालों को सबक सिखायेगी. यह सही है कि चुनाव देश के पांच राज्यों में हो रहा था लेकिन पूरे देश की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी थीं. उत्तर प्रदेश में सत्ता के तीन बड़े दावेदार थे. समाजवादी पार्टी अपने पांच साल के विकास कार्यों के बल पर दोबारा सत्ता में आने का दावा कर रही थी तो बहुजन समाज पार्टी यूपी की खराब क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर बहन जी को आने दो का नारा दे रही थी. इन दो दावों के बीच भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना 14 साल का बनवास खत्म करने के लिये संघर्ष कर रही थी.

यूपी चुनाव में जहाँ अखिलेश यादव को अपने पांच साल के विकास कार्यों के बल पर सत्ता में वापसी की उम्मीद थी वहीं भारतीय जनता पार्टी को 2014 के लोकसभा चुनाव में 73 सीटें जीतने से मिला उत्साह ताज़ा था. लोकसभा चुनाव की क्लीन स्वीप की वजह से ही भारतीय जनता पार्टी को भरोसा था कि यूपी चुनाव में वह 265 प्लस रहेगी.

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा भी प्रोजेक्ट नहीं किया लेकिन बावजूद इसके वह प्रचंड जीत की तरफ जिस अंदाज़ में बढ़ी उसने यह साबित कर दिया कि जनता को विकास के साथ-साथ सुकून भी चाहिये है. क़ानून का राज भी चाहिये है. जनता जाति-धर्म के झगड़ों से ऊब चुकी है.

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर 14 साल बाद काबिज़ होने जा रही है. कहना चाहिये कि उसका 14 साल का बनवास पूरा हो रहा है. ऐसे में उसकी पिछली सरकारों में मिली सीटों पर चर्चा भी ज़रूरी लगती है. भारतीय जनता पार्टी ने राम लहर में 221 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी तो इस बार मोदी लहर में 221 का आंकड़ा बहुत पीछे छूट गया है. इस बार जनता ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के तीन साल के काम को वोट दिया है.

उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को बताया कि परिवार के झगड़े के आधार पर वह वोट नहीं देगी. जनता को काम चाहिये लेकिन बड़बोलापन नहीं चाहिये. गुजरात के गधे वाले बयान का फायदा भी नरेन्द्र मोदी को ही मिला. बहुजन समाज पार्टी ने सत्ता का गणित दुरुस्त करने के लिये अपराधियों से भी गुरेज़ नहीं किया और बड़ी तादाद में अपराधियों को टिकट दिये जनता ने बसपा की इस नीति को भी नकार दिया.

बहरहाल भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ यूपी की सत्ता पर काबिज़ होने जा रही है. देवबंद जैसी मुस्लिम बाहुल्य सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी की जीत ने यह बता दिया है कि मुसलमान अब किसी राजनीतिक पार्टी की जागीर बनकर नहीं रहेगा. केन्द्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा ऐसा जनता ने माना है. जनता की सोच ईवीएम खुलने के साथ ही स्पष्ट हो गई है और अब विकास की गेंद भारतीय जनता पार्टी के पाले में है.

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