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पाकिस्तान की संसद ने पास किया हिन्दू मैरिज बिल

 shabahat |  2017-02-18 14:53:29.0

पाकिस्तान की संसद ने पास किया हिन्दू मैरिज बिल


इस्लामाबाद. पाकिस्तान की संसद ने अंतत: हिन्दुओं को उनका अधिकार दे दिया. पकिस्तान के उच्च सदन सीनेट ने आज हिन्दू मैरिज बिल को हरी झंडी दे दी. अब पाकिस्तान में हिन्दुओं की शादी को कानूनी दर्जा मिल जायेगा. इस बिल को सितम्बर 2016 में पाकिस्तान के संसद के निचले सदन नेशनल असेम्बली ने पास किया था. नेशनल असेम्बली से मान्यता हासिल करने के बाद यह बिल सीनेट से मान्यता हासिल करने का इंतज़ार कर रहा था.

हिन्दू मैरिज बिल संसद से पास होने के बाद अब पाकिस्तान के हिन्दुओं को अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने का अधिकार भी मिल गया है. पाकिस्तान में 1.6 फीसदी हिन्दू हैं. भारत को 1947 में आज़ादी पाकिस्तान की कीमत पर मिली थी. पाकिस्तान एक देश के रूप में मान्यता तो पा गया लेकिन 69 साल तक पाकिस्तान में में रहने वाले हिन्दुओं को कानूनी तौर पर ऐसा तरीका नहीं मिला जिससे वह अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन करा सकें.



पाकिस्तान के कानून मंत्री ज़ाहिद अहमद ने सीनेट में हिन्दू मैरिज बिल पेश किया, जिसे बिना किसी विरोध या आपत्ति के पास कर दिया गया. इससे पहले 2 जनवरी को मानवाधिकार पर पाक संसद के सीनेट की कार्यकारी समिति ने इसे बहुमत के साथ पास किया था. यह पाकिस्तानी हिन्दुओं का पहला पर्सनल लॉ है, जो पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लागू होगा. सिंध में पहले से ही अलग हिन्दू मैरिज लॉ है.

संसद ने हिन्दू मैरिज बिल में शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल रखी गई है. अन्य धर्मों में शादी के लिए लड़के की उम्र कम से कम 18 और लड़की की उम्र 16 साल होनी चाहिए. इससे कम उम्र में शादी करने पर 6 महीने की जेल और 5 हजार रुपए के जुर्माने का प्राविधान रखा गया है.

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