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'मन की बात': लोंगों के प्रति सेवा भाव से जुड़िए, आपका दुख कम हो जाएगा

 Girish |  2017-03-26 06:29:05.0

मन की बात: लोंगों के प्रति सेवा भाव से जुड़िए, आपका दुख कम हो जाएगा

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली: पांच राज्‍यों के चुनाव परिणाम आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आज पहली बार मन की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को 30वें 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 125 करोड़वासियों ने देश की बदलाव की चाह है। उन्‍होंने बंग्लादेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।

पीएम ने देश के युवाओं से अनुरोध किया है कि जब भी समय मिले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि पर जरूर जाएं। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह हम सब की प्रेरणा हैं।

पीएम ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब गर्भवती महिलाओं को 26 हफ्तों का अवकाश निर्धारित किया गया है। जो कि विश्व के बाकी तीन देश में ही लागू है।

पीएम ने कहा कि 21 जून को योग दिवस मनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि खुद को स्वस्थ रखने और तनाव-दबाव मुक्त रखने का योग भी अच्छा उपाय है।

पीएम ने कहा कि 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है। दुनिया में 35 करोड़ लोग डिप्रेशन के शिकार हैं। हमें इसको लेकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिप्रेशन के सप्रेशन की बजाए एक्सप्रेशन की जरूरत है। अपनों के बीच में खुलकर खुद को एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं तो अगल-बगल के लोंगों के प्रति सेवा भाव से जुड़िए, देखिएगा आपका दुख कम हो जाएगा।

पीएम ने कहा कि खाना पेंकना गंदी आदती है। उन्होंने कहा कि हम जरूरत से ज्यादा चीजें प्लेट में ले लेते हैं और फिर जूठन छोड़ देते हैं। हमने कभी सोचा है कि अगर जूठन न छोड़ें तो कितने गरीबों का पेट भरा जा सकता है। पीएम ने खाना फेंकना समाजद्रोह बताया है।

पीएम ने लोगों को आह्ान करते हुए कहा कि ब्लैक मनी के खिलाफ लड़ाई आगे बढ़ाने के लिए देशवासी एक वर्ष में 2500 करोड़ डिजिटल लेन-देन करने का संकल्प कर सकते हैं क्या?

उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती है और उनकी जन्म-जयंती पर डिजि-मेला का समापन होने वाला है। नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट के अलग-अलग तरीकों में काफी वृद्धि देखने को मिली है।

पीएम ने अपने मन की बात में कहा कि यह चंपारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष है। भारत की आजादी के आंदोलन में, गांधी विचारशैली का प्रकट रूप पहली बार चंपारण में नजर आया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संकल्प करे। साथ ही एक दिन डीजल-पेट्रोल के इस्तेमाल भी नहीं करने का संकल्प लें।

पीएम ने गांधी को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने संघर्ष और सृजन दोनों सिखाया। संघर्ष ब्रिटिश सम्राज्य के खिलाफ तो सृजन भारते के पक्ष में कई कार्यक्रम चलाकर। उन्होंने कहा कि गांधी जी देश की नब्ज को जानते थे। सामाजिक जीवन की शुरुआत करने वाले चंपारण सत्याग्रह को जानें।


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Girish ( 4001 )

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