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रिज़र्व बैंक छापता नहीं एक प्राइवेट कम्पनी से खरीदता है रुपये

 shabahat |  2017-01-21 11:06:59.0

रिज़र्व बैंक छापता नहीं एक प्राइवेट कम्पनी से खरीदता है रुपये


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

मुम्बई. केन्द्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम तक पर्याप्त संख्या में नये नोट नहीं पहुँच पाने की वजह से लाखों लोगों को अपने खाते में पैसा होते हुए भी बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़े. बाद में मालूम पड़ा कि 500 का नया नोट छपने में हुई देरी की वजह से लोगों को दिक्कत हुई. मुम्बई के आरटीआई कार्यकर्त्ता अनिल गलगली ने रिज़र्व बैंक से सवाल किया कि 500 और 1000 का एक नोट छापने पर कितना पैसा खर्च होता है और नोटबंदी के बाद सरकार ने कितने नोट छापे. इस सवाल के जवाब में अनिल गलगली को रिज़र्व बैंक ने बताया कि 500 का एक नोट छापने में 3 रुपये 9 पैसे खर्च होते हैं. कितने नोट छापे की जानकारी देने से रिज़र्व बैंक ने इनकार कर दिया.

रिज़र्व बैंक ने बताया कि 500 रुपये के एक नोट की छपाई में 3 रुपये 9 पैसे खर्च होते हैं. इसमें कागज़, छपाई और अन्य सभी खर्च शामिल हैं. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इण्डिया के उप महाप्रबंधक ने अनिल गलगली को दिये जवाब में बताया कि नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड नोट छापने का काम करता है. रिज़र्व बैंक उससे नोटों को खरीदता है. 500 रुपये का नया नोट प्रचलन में है इसलिये उसकी कीमत बताई गई है लेकिन 1000 का नोट क्योंकि बंद कर दिया गया है इसलिए उस बारे में कुछ नहीं बताया गया है. रिज़र्व बैंक ने यह बताने से साफ़ इनकार कर दिया है कि 500 के कितने नोट छापे गये.

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