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तीसरे चरण से शुरू होगा वोटकटवा का असर और रहेगी दलबदलुओं पर नजर

 Utkarsh Sinha |  2017-02-16 13:21:08.0

तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ : पहले और दूसरे चरण में रिकार्ड मतदान के बाद अब तीसरे चरण के लिए 19 फरवरी को 12 जिलों की 69 विधान सभा सीटों पर मतदान होने हैं. रिकार्ड मतदान और मतदाताओं की चुप्पी ने सियासी पंडितों के गुणा-गणित को बिगाड़ कर रख दिया है. अव्वल तो राजनीति के ये पंडित यह कयास लगाने में नाकामयाब हो रहे हैं कि प्रथम और दूसरे चरण में मतदाताओं का रुझान क्या रहा. फिर भी अगर जानकारों की मानें तो प्रथम चरण में जहां बहुल वाले जाट मतदाताओं ने भाजपा का गणित बिगाड़ा तो मुस्लिम बाहुल्य मतदाता वाले द्वितीय चरण में मतदाताओं का रुझान अपनी तरफ करने के लिए सपा और बसपा में होड़ लगी रही .

17 प्रतिशत वोटो की अपनी हिस्सेदारी के साथ जाट इस इलाके का सबसे महत्वपूर्ण कारक बन जाता है. पहले चरण की इन 73 सीटों पर 2012 के विधान सभा चुनाव में बसपा और सपा को बड़ी कामयाबी मिली थी. राष्ट्रीय लोकदल को कुल 9 सीटें मिली थी जिसमें इस बार इजाफा होने के साफ संकेत दिख रहे हैं. पश्चिम की कई सीटो को प्रभावित करने की स्थिति में मुस्लिम वोटर हैं जो सपा–कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच झूल रहा है. इस बार बसपा ने अन्य दलों की अपेक्षा ज्यादा संख्या में मुस्लिम कंडीडेट मैदान में उतारे हैं. इलाके में बीएसपी के परम्परागत दलित वोटरों की संख्या भी काफी है जो बसपा के साथ है. शुरूआती दोनों चरणों के मतदान के बाद ऐसा लगता है की अखिलेश यादव से मुस्लिम नाराज नहीं है और कांग्रेस के साथ आने के बाद इस गठबंधन पर मुस्लिम वोटरों का भरोसा भी बढ़ा दिखाई दे रहा है लेकिन फिर भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अपने बेस दलित वोट और उम्मीदवारों के दम पर मायावती इस वोट बैंक में कहीं सेंध न लगा दिया हो.
दूसरे चरण में समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले पश्चिमी यूपी, रुहेलखंड और तराई की 11 जिलों की 67 सीटों पर मतदान हुआ. अयोध्या विवाद के बाद मुस्लिमों के बीच सबसे लोकप्रिय नेता सिद्ध हुए मुलायम सिंह यादव ने 2012 के चुनाव में इस इलाके में कई चुनावी रैलियाँ की थीं. लेकिन मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र के चुनाव प्रचार से मुलायम सिंह यादव का दूर रहना सपा के लिए कितना फायदेमंद होगा ये तो वक्त बतायेगा. इस चरण में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी 49.14 प्रतिशत रामपुर में है, जबकि 36 सीटों पर तीस प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं. बाकी 17 सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 20 से 29 प्रतिशत है. 2012 में इस इलाके मैं समाजवादी पार्टी को आधे से ज्यादा 34 सीटें मिली थीं. बसपा 18 भाजपा 10 कांग्रेस 3 के अलावा पीस पार्टी और आईएमसी को 1-1 सीटें मिली थीं. इस चरण को लेकर जानकारों का मानना है कि मुख्य मुकाबला सपा और बसपा के बीच है. लेकिन कई सीटे ऐसी हैं जहाँ इस लडाई का फायदा भाजपा को साफ़ साफ़ होता दिख रहा है.

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