Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

इंडिया मुस्लिम बोर्ड- तीन तलाक को अवैध ठहराना दोबारा कुरान लिखने जैसा

 Sonalika Azad |  2017-03-28 03:54:13.0

इंडिया मुस्लिम बोर्ड- तीन तलाक को अवैध ठहराना दोबारा कुरान लिखने जैसा

तहलका न्यूज़ ब्यूरो.
नई दिल्ली.
ट्रिपल तलाक के मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड ने सोमवार को अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 30 मार्च से सुनवाई शुरू कर सकता है.


बोर्ड ने कहा कि इस्लामी कानून, जिसकी बुनियाद अनिवार्य तौर पर पवित्र कुरान एवं उस पर आधारित सूत्रों पर पड़ी है, की वैधता संविधान के खास प्रावधानों पर परखी नहीं जा सकती है. इनकी संवैधानिक व्याख्या जबतक जरूरी न हो जाए, तबतक उसकी दिशा में आगे बढ़ने से न्यायिक संयम बरतने की जरूरत है.


याचिकाओं में उठाये गए मुद्दे विधायी दायरे में आते हैं, और चूंकि तलाक निजीम मामला है इसलिए उसे मौलिक अधिकारों के तहत लाकर लागू नहीं किया जा सकता. बोर्ड ने दावा किया कि याचिकाएं गलत समझ के चलते दायर की गई हैं और यह चुनौती मुस्लिम पर्सनल कानून की गलत समझ पर आधारित है। बोर्ड का कहना है कि संविधान हर धार्मिक वर्ग को धर्म के मामलों में अपनी चीजें खुद संभालने की इजाजत देता है.


ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 2016 में एक महिला शाखा बनाकर संप्रदाय की महिलाओं से रायशुमारी कराई थी. तब मुस्लिम बोर्ड ने तीन तलाक के पक्ष में प्रस्ताव पास किया था. यह प्रस्ताव तीन दिन के सम्मेलन के बाद पास किया जा सका था. उस पर मुस्लिम बोर्ड ने कहा था कि सरकार मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों की अवहेलना कर रही है.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top