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सपा संग्राम LIVE: अखिलेश, मुलायम और शिवपाल के बीच मीटिंग शुरू

 Girish |  2017-01-03 05:00:58.0

mulayam

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ:
दो खेमों में बंट चुकी समाजवादी पार्टी में सुलह की कोशिशें अब तेज हो गई हैं। सीएम अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच बंंद कमरे में मीटिंग चल रही है।


सूत्रों की माने तो शिवपाल यादव को राष्‍ट्रीय राजनीति में भेजने की शर्त पर सुलह हो सकता है। साथ ही टिकट वितरण में अखिलेश और मुलायम की सहमति पर बन सकती है। साथ ही अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद छोड़ने पर भी बात बन सकती है। मुलायम सिंह ने सभी सपा नेताओं को लखनऊ बुलाया है।



वहीं, इससे पहले अखिलेश खेमे ने मंगलवार को चुनाव आयोग जाकर साइकिल चुनाव चिन्ह पर दावा ठोका। रामगोपाल यादव ने बताया कि चुनाव आयोग से उन्होंने कहा है कि जहां अखिलेश हैं वहीं असली सपा है। 90 फीसदी विधायक हमारे साथ हैं और इसलिए पार्टी पर हमारा हक है। इस दौरान उनके साथ नरेश अग्रवाल, अभिषेक मिश्रा और किरनमय नंदा भी मौजूद रहे।


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सूत्रों की माने तो इससे पहले मुलायम ने सपा के वरिष्‍ठ नेताओं को दिल्‍ली अपने आवास पर बुलाया। जिसके बाद आजम खान और बलराम यादव दिल्‍ली पहुंचे। हालांकि मुलायम बिना इन नेताओं से मिले लखनऊ के लिए रवाना हो गए।


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इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर पार्टी के ऑफिसियल सिंबल साइकिल पर अपना दावा ठोका और खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हुए अखिलेश द्वारा बुलाए गए विशेष अधिवेशन को अवैध बताया। इसके बाद चुनाव आयोग ने अखिलेश खेमे को अपना पक्ष रखने के लिए अाज साढ़े 11 बजे का वक्त दिया।


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इस बीच अखिलेश गुट के नरेश अग्रवाल ने कहा है कि हमारी तरफ से सुलह की कोशिश नहीं होगी। अधिवेशन में जो भी प्रस्ताव पास हुए वो हम चुनाव आयोग के सामने रखेंगे। सभी कार्यकर्ता अखिलेश के साथ हैं। पोस्टर, बैनर में नेताजी की फोटो पहले होगी।

वहीं, मुलायम सिंह द्वारा समाजवादी पार्टी से निकाले गए पुराने भरोसेमंद किरनमय नंदा ने आरोप लगाया है कि 1 जनवरी को जारी दो पत्रों में मुलायम सिंह यादव के दस्तखत अलग-अलग हैं। इस बयान के बाद साइन को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि 1 जनवरी को अखिलेश गुट ने लखनऊ में अधिवेशन कर अखिलेश यादव को सपा अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने इस अधिवेशन को असंवैधानिक बताते हुए दो नेताओं किरनमय नंदा और नरेश अग्रवाल को पार्टी से निकालने का आदेश जारी किया था और कहा था कि सपा के अध्यक्ष अभी मुलायम सिंह ही हैं। अब किरनमय नंदा के इस बयान से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।


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बताते चले कि सोमवार को मुलायम, शिवपाल, अमर सिंह और जया प्रदा ने चुनाव आयोग में अधिकारीयों से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग में मुलायम सिंह ने कई मुद्दों पर चर्चा की। मुलायम ने खुद को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया,और कहा कि पार्टी संविधान के अनुसार सिर्फ उन्हें ही अधिवेशन बुलाने का हक है।


मुलायम ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना अधिवेशन नहीं बुलाया जा सकता। लिहाजा असंवैधानिक अधिवेशन में पास प्रस्ताव भी असंवैधानिक है और साइकिल चुनाव चिन्ह पर सिर्फ उनका हक है।


इसके बाद अब निर्वाचन आयोग अखिलेश-रामगोपाल गुट की बात सुनेगा, और किसी समाधान न निकलता देख और आचार संहिता लागू होने की स्थिति में साइकिल चुनाव चिन्ह को फीज कर दोनों को अलग-अलग टेम्पररी सिंबल दे सकता है।




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Girish ( 4001 )

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