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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दी मोदी सरकार को चेतावनी, 'यूनिफॉर्म सिविल कोड बर्दाश्त नहीं'

 Sabahat Vijeta |  2016-07-03 06:06:18.0

uniform_civil_codeतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. मोदी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने की तैयारी में जुटी है। जानकारों का कहना है कि यदि ये कानून मोदी सरकार लागू करवा ले जाती है तो बीजेपी का वोट बैंक बढ़ना तय है। कहा ये भी जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना चाहती है। ऐसे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया है और आरोप लगाया है किस सिर्फ वोटों की राजनीति गरमाने के लिए बीजेपी यह मुद्दा उछाल रही है।


मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष कल्बे सादिक ने कहा कि देश के मुसलमान शरीयत कानून में कोई दखल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं देश के दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय भी इसका विरोध करेंगे क्योंकि ये धार्मिक रीति रिवाज में दखल देने वाली बात होगी।


मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक और सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर बीजेपी सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ मुसलमानों का नहीं है देश में कश्मीर से लेकर मिजोरम तक अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग कानून खुद देश की संसद ने बनाए हैं।


यूपी में ज्यादातर मुस्लिम धर्मगुरुओं को यही लगता है कि ना तो बीजेपी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएगी और ना ही तीन तलाक को खत्म करने के लिए जोर लगाएगी। उनका मानना है कि सिर्फ यूपी में वोटों का ध्रुवीकरण कराकर हिंदुओं का वोट बटोरने के लिए बीजेपी इन मुद्दों को चर्चा में लाना चाहती है। ठीक वैसे ही जैसे पिछली बार यूपी चुनाव के समय यूपीए की सरकार ने मुसलमानों को आरक्षण देने का आश्वासन देकर वोट बटोरने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में हुआ कुछ नहीं।

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