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मोर्चे पर मायावती- स्वाती द्वारा महिला उत्पीडन पर भाजपा खामोश क्यों ?

 Tahlka News |  2016-07-28 12:32:40.0

mayawati profile

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. दयाशंकर सिंह की टिप्पणी के बाद उठे विवाद में आज बसपा सुप्रीमो मायावती एक बार फिर हमलावर हुयी. मायावती ने भाजपा से पुछा कि मीडिया में दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाती सिंह व उसके परिवार द्वारा उसकी सगे भाई की पत्नी पर किये गये अत्याचारों की खबरे आने के बाद भी भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्या और भाजपा महिला मोर्चा उनके के ख़िलाफ सड़क पर क्यों नहीं उतर रही हैं?

बुधवार को तहलका न्यूज़ ने यह खबर ब्रेक की थी कि स्वाती सिंह और उनके परिजन परिवार की बहु के दहेज़ उत्पीडन के आरोप रहे हैं और उनपर लखनऊ में महिला उत्पीडन का मुक़दमा भी दर्ज हुआ था.

मायावती ने प्रदेश सरकार को आड़े हांथो लेते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इन्कार के बाद कम से कम अब तो उत्तर प्रदेश की सपा सरकार भाजपा से उसे अपनी मिलीभगत को छोड़कर आरोपी दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार कर लेना चाहिये. मायावती ने यह भी कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस छापामारी का केवल दिखावा ही कर रही है, जबकि मीडिया वाले उसका इण्टरव्यू छाप रहे हैं व चैनल वाले उसकी तस्वीरें भाजपा शासित झारखण्ड राज्य में घूमते हुये दिखा रहे हैं.


मायावती ने सांप्रदायिक राजनीती का इशारा करते हुए भाजपा से यह भी पुछा कि एफ.आई.आर. में दर्ज सभी नामों को छोड़कर अकेले नसीमउद्दीन सिद्दीक़ी पर ही कार्रवाई करने की मांग भाजपा द्वारा क्यों की जा रही है?

भाजपा की महिला मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदर्शन को फ्लाप शो बताते हुए मायावती ने कहा कि आज पूरे प्रदेश भर से लखनऊ की सड़कों पर निकलकर कार्यक्रम आयोजित करना भी वास्तव में दयाशंकर की गिरफ्तारी के बारे में आमजनता को गुमराह करने व उसका बचाव करने का ही एक प्रयास माना जा रहा है, इसी कारण उ.प्र. भाजपा अध्यक्ष द्वारा नेतृत्व करने के बावजूद भी भाजपा महिला मोर्चा का आज का कार्यक्रम काफी बुरी तरह से फ्लाप हो गया और प्रदेश भर की पूरी ताकत लगाने के बावजूद भी पुरूष व महिला कुल मिलाकर, बड़ी मुश्किल से लगभग 500 की संख्या में ही लखनऊ में इकट्ठा हो पाये हैं. जिसमें कि पुरूष ज्यादा व महिलायंे कम थी.

मायावती ने सफाई देते हुए कहा कि बी.एस.पी. की तरफ से यह बार-बार कहा जा रहा है कि बी.एस.पी. के धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान् दयाशंकर सिंह की माँ, पत्नी व बेटी को पेश करने का मतलब सार्वजनिक तौर पर उनसे केवल यह पूछना था कि दयाशंकर सिंह ने बी.एस.पी. के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जो अभद्र, अमर्यादित व अशोभनीय टिप्पणी की है क्या वह उसका समर्थन करती है और अगर नहीं करती हैं तो आमजनता को बतायें कि दयाशंकर सिंह ने घोर अपराध किया है.

मायावती ने कहा कि इन्हीं सब कारणों से ही देश के करोड़ों दलितों, अन्य पिछड़ों, शोषितों एवं पीड़ितों के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की प्रतीक (कुमारी मायावती) के खिलाफ अभद्र भाषा के साथ-साथ गोरक्षा की आड़ में खासकर दलित व मुस्लिम उत्पीड़न के मामले में भाजपा की जबर्दस्त फजीहत लगातार हो रही है और लोग उसका धिक्कार कर रहे हैं और अब इन मामलों से लोगों का ध्यान बांटने का कोई भी भाजपा का प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है. लेकिन फिर भी प्रदेश की जनता को, इनके सभी हथकण्ड़ों से हमेशा सावधान रहना है.

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