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इलेक्ट्रिसिटी बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे: शैलेंद्र दुबे

 Tahlka News |  2016-04-25 13:59:21.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ, 25 अप्रैल. आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय काउंसिल ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मांग की है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के दूरगामी परिणामों को देखते हुए केंद्र सरकार बिल को संसद में रखने और पारित कराने की जल्दबाजी न करे। इस बाबत आगे बढ़ने से पहले बिजली इंजीनियरों, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के साथ बिजली के क्षेत्र में विगत दो दशकों से किये जा रहे प्रयोगों पर विस्तृत वार्ता की जाए। फेडरेशन ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी का आह्वाहन किया है।


काउंसिल की देहरादून में हुई बैठक से आने के बाद फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने सोमवार को लखनऊ में बताया कि तथाकथित सुधारों के नाम पर विशेषज्ञों की राय के विपरीत बीते 20 सालों में देश के सभी बिजली बोर्डों का विघटन किया गया जिसका दुष्परिणाम यह है कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 बनाने के समय बिजली बोर्डों का कुल घाटा जो 43 हजार करोड़ रुपए था वह बढ़कर 8.1 लाख करोड़ पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पहले शहरों के लिए आरएपीडीआरपी योजना थी और गांव के लिए राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना जिनका नाम बदल कर अब आईपीडीएस और पं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया है। जिससे कोई परिवर्तन नहीं होने वाला है।


इसी प्रकार बिजली वितरण कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए पिछली सरकार ने एफआरपी (वित्तीय पुनर्संरचना योजना) लागू की थी जो विफल रही। अब सरकार ने 'उदय' योजना लागू की है, जो एफआरपी का ही नया नाम है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने के बजाय नीति बदलने की जरुरत है। उदय की कामयाबी पर भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में आशंका व्यक्त की है। ऐसे में फेडरेशन का मत है कि इन योजनाओं से तब तक सार्थक परिणाम नहीं मिलेंगे जब तक बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों को विश्वास में नहीं लिया जाता है।


राष्ट्रव्यापी हड़ताल की पूरी तैयारी
शैलेंद्र दुबे ने बताया कि फेडरेशन की राष्ट्रीय काउंसिल ने यह भी तय किया है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी की जाये। जिसके क्रम में सारी यूनियनों के साथ मिलकर देशभर में सम्मलेन किये जाएंगे और आम जनता को इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के जरिये बिजली आपूर्ति को निजी घरानों को सौंपने की केंद्र सरकार की नीतियों से अवगत कराया जायेगा।


श्वेत पत्र जारी करेगी फेडरेशन
फेडरेशन ने यह भी निर्णय लिया है कि रिलायन्स को सासन परियोजना में बिडिंग के बाद बिजली दरें बढ़ाने की छूट और गलत तरीके से केंद्र द्वारा 31 मार्च को आदेश जारी करके 1050 करोड़ रुपए का मुनाफा देने जैसे घोटालों पर फेडरेशन श्वेत पत्र जारी करेगा। इसी प्रकार अदानी पावर और टाटा पावर को बिडिंग के बाद बिजली दरों में वृद्धि की छूट देने के मामले में भी श्वेत पत्र जारी किया जायेगा।

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