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एक साथ दिखा समाजवादी कुनबा, अब रफ़्तार पकड़ेगी चुनावी मुहिम

 Tahlka News |  2016-11-21 13:25:57.0

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उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. समाजवादी पार्टी में गलत समय पर मची रार ने चुनावी तैय्यारियों में पार्टी को काफी पीछे कर दिया था. लगभग 2 महीने पहले जब पार्टी में अचानक तलवारे खिची थी उससे ठीक पहले तक मुख्यमंत्री फिर से सरकार बनाने का दावा करने में नहीं चूकते थे. मगर जब यह झगडा अपने उफान पर पहुंचा तब कहिलेश यादव को यह कहना पड़ा था कि कुछ दिनों पहले हम नंबर एक पर थे मगर अब हमें नहीं पता कि हम सरकार फिर से बना पाएंगे या नहीं.

लेकिन 2 महीने तक पल पल बदलते सत्ता संतुलन के बाद सोमवार को जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया तब तक समाजवादी नदी में उठा तूफ़ान शांत होता दिखाई दिया. इस कार्यक्रम में सपा से निष्काशन के बाद वापसी कर चुके प्रो. रामगोपाल यादव भी दिखे और शिवपाल यादव भी. शिवपाल यादव ने तो सामने आकर प्रो. रामगोपाल का पैर भी छुआ और रामगोपाल ने उन्हें आशीर्वाद भी दिया. प्रोफ़ेसर रामगोपाल बैठे भी मुलायम सिंह के बगल में और अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट के पूरे होने पर बधाई भी दी.


इस समारोह में प्रो. रामगोपाल भी थे, शिवपाल भी और आजम खान भी , मगर जयाप्रदा के होने के बाद भी पूरे मामले की जड माने जा रहे अमर सिंह नहीं दिखाई दिए. हालिया दिनों में प्रो. रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के बीच तल्खी बहुत ज्यादा बढ़ गयी थी. दोनों ने इशारो में और कभी खुल कर भी एक दूसरे के खिलाफ जम कर तीर चलाये थे.

मुलायम सिंह यादव ने रिकॉर्ड समय में एक्सप्रेस वे का काम पूरा होने पर अखि‍लेश यादव को बधाई दी और एक्सप्रेस वे से होने वाले विकास के फायदे गिनाए. वहीं शिवपाल ने कहा कि अखि‍लेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक काम हुए हैं. सपा कुनबे के महारथियों ने जिस तरह इस समारोह में अखिलेश यादव की तारीफ में कसीदे पढ़े उससे साफ़ हो गया कि अखिलेश यादव ही अब पार्टी का चेहरा हैं और इसी विकास वाले चेहरे के साथ समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में दस्तक देने जा रही है.

सपा में सुलह सफाई के संकेत तो बीते 3 नवम्बर से ही दिखाई देने शुरू हो गए थे जब अखिलेश यादव ने अपने विकास रथ यात्रा की शुरुआत की थी. अनमने भव से ही सही शिवपाल यादव भी इस यात्रा के उद्घाटन में पहुंचे थे. इसके बाद 5 नवम्बर को पार्टी के रजत जयंती कार्यक्रम में भी सब एक साथ दिखे. हलाकि इस समय प्रो. रामगोपाल पार्टी से निष्काशन के कारण मौजूद नहीं थी मगर उसके बाद रामगोपाल की पार्टी में वापसी हो गयी और साथ ही पार्टी से बर्खास्त किए जा चुके अखिलेश समर्थक नेताओं को भी मुलायम सिंह ने अभयदान दे दिया.

इन सारी कवायदों के बीच अखिलेश यादव का कद लगातार बढ़ता रहा. वे अपने समर्थक उन नेताओं के साथ लगातार खड़े रहे जिन्हें शिवपाल यादव ने अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकल दिया था. अखिलेश यादव के हर बड़े कार्यक्रम में ये नेता उनके साथ दिखाई देते रहे और अंततः इनकी पार्टी में वापसी की अब महज औपचारिकता ही बाकी रह गयी है.

एक दिन की रथयात्रा के जरिये अखिलेश यादव ने अपनी ताकत दिखा दी थी और अब एक के बाद एक बड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण करते हुए अखिलेश एक बार फिर से अगली सरकार बनाने की बात दुहराते नजर आ रहे हैं.

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